बलिया का मिड डे मिल मामला ,सरकारी स्कूल में दलित को अलग से बैठाकर खाना खिलने के खिलाफ मायावती ने की जाच के मांग

उत्तर प्रदेश के बलिया में  मिड डे मील को लेकर बीते चार दिन से तीन मामले चर्चा में हैं। बलिया के एक मामले में तो बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने जांच कराने की भी  मांग की है। मायावती ने इस बाबत को  ट्वीट भी किया है।

मायावती ने कहा कि बलिया जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील वितरण के दौरान दलित छात्रों को अलग बैठाकर भोजन कराने की खबर अत्यंत -दु:खद  है। बसपा की माँग है कि ऐसे घिनौने जातिवादी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार तुरन्त सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दूसरों को इससे सबक मिल सके  व इसकी पुनरावृति न हो।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मिड डे मील में बच्चों को नमक-रोटी परोसने के मामले के बाद बलिया में कुछ बच्चों को पत्तल पर भोजन देने के प्रकरण के बाद बलिया में ही कुछ बच्चों के अलग बैठकर घर से लाई थालियों में मिड डे मील देने पर मायावती बेहद खफा हैं। यहां पर स्कूल के कुछ बच्चे अपने घरों से थालियां ला रहे हैं और एससी-एसटी बच्चों से अलग बैठकर मिडडे मील खा रहे हैं। बलिया के रामपुर प्राइमरी स्कूल में कुछ बच्चे छुआछूत की वजह से अलग थालियों में खाना खा रहे हैं।

छोटे बच्चों में इस तरह की भावना हो यह बहुत ही  चौंकाने वाली बात  है।  ऐसी तस्वीरें सामने आने के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि कुछ बच्चे समझाने के बावजूद भी नही समझ  रहे हैं। प्रधानाचार्य पी गुप्ता ने बताया कि हम बच्चों को एक साथ बैठने और भोजन करने को  कहते हैं, लेकिन हमारे हटते ही बच्चे दूर चले जाते हैं। हमने छात्रों को बहुत समझाने की कोशिश की कि सभी एक समान हैं, लेकिन अपर कास्ट के बच्चे हमेशा कोशिश करते हैं कि वे लोअर कास्ट के बच्चों से दूर रहें।

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