कसौली हत्याकांड: पुलिस की लापरवाही से गयी शैलबाला की जान

कसौली हत्याकांड: पुलिस की लापरवाही से गयी शैलबाला की जान

हिमाचल प्रदेश के कसौली हत्याकांड में महिला अफसर की जान बच सकती थी अगर पुलिस प्रशासन सजग होता. क्योंकि डीएसपी परवाणु ने घटना से पहले ही आरोपी की गिरफ्तारी आदेश दिए थे. 

दरअसल, अवैध निर्माण गिराने से पहले आरोपी होटल मालिक ने सुसाइड करने की धमकी दी थी. इस पर डीएसपी आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया.
वहीं, घटना को अंजाम देने के बाद 12 घंटे बाद भी आरोपी होटल मालिक फरार चल रहा है. पुलिस अब भी उसे ढूंढने में नाकाम रही है. आरोपी की सूचना देने को लेकर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम भी दिया है.

पुलिस की लापरवाही और नाकामी- 
बता दें कि घटना के दौरान 50 पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद थे. पुलिस प्रशासन और भारी सुरक्षा कर्मियों के बीच होटल व्यवसायी महिला अफसर को गोली मारकर वहां से फरार हो गया. कहीं ना कहीं पुलिस की यह कार्यप्रणाली सुरक्षा पर सवालियां निशान खड़ा करती है. फिलहाल, पुलिस की चार टुकड़ियां आरोपी की खोज कर रही है.

ये है पूरा मामला-
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने कसौली के 13 होटलों के अवैध निर्माण गिराने के आदेश दिए थे. दो मई की तारीख डेडलाइन थी. इसके मद्देनजर मंगलवार सुबह 38 सदस्यीय चार टीमें अवैध निर्माण गिराने कसौली पहुंची थी. कुछ होटलों पर कार्रवाई करने के बाद अस्सिटेंट टाउन कंट्री प्लानिंग, शैलबाला के नेतृत्व में प्रशासन की टीम दोपहर ढाई बजे मंढोधार में नारायणी गेस्ट हाउस पहुंची. इस दौरान होटल संचालक विजय ठाकुर ने हंगामा शुरू कर दिया.

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