राहुल गांधी ने कहा- बेटियों को बीजेपी विधायकों से बचाने की जरूरत

राहुल गांधी ने कहा- बेटियों को बीजेपी विधायकों से बचाने की जरूरत

नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को महिला अधिकार सम्मेलन में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, केंद्र की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का असली मतलब बेटियों को बीजेपी विधायकों से बचाओ है. मुजफ्फरनगर और देवरिया शेल्टर होम कांड पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार में महिलाओं के खिलाफ जिस तरह से अपराध हुए हैं, पिछले 70 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ.

राहुल ने कहा, उत्तर प्रदेश और दूसरे बीजेपी शासित राज्यों में महिलाओं के साथ अपराध होते हैं तो नरेंद्र मोदी चुप रहते हैं. इसमें यदि कोई शख्स पार्टी का सदस्य होता है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. राहुल ने महिला आरक्षण बिल पर हो रही देरी के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेर

मोदी सरकार पर निशाना
बता दें कि इससे पहले संसदीय दल की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के शासनकाल में भ्रष्टाचार, आर्थिक विफलता, अक्षमता और सामाजिक भेदभाव चरम पर पहुंच गया है. उन्होंने पार्टी सांसदों से लोगों को विकल्प मुहैया कराने को कहा. गांधी ने संसद भवन में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता व्यवस्था के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है और पार्टी सांसदों को मोदी के ‘‘अच्छे दिन’’ के झूठे वादों का विकल्प लोगों के समक्ष पेश करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की जनता मोदी सरकार को हटाने के लिए और उसे ऐसी सरकार से बदलने के लिए कांग्रेस और उसकी गठबंधन पार्टियों की ओर उम्मीद से देख रहीं है जो उनकी बात सुनें, उनकी समस्याओं को समझे और देश में गरीबी, बेरोजगारी और असमानता को समाप्त करने के समाधान तलाशे.

कांग्रेस के ऊपर जिम्मेदारी
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, आज हम सब के ऊपर लोकतांत्रिक ताकते एवं सामाजिक न्याय बनाम निकुंशता तथा सामाजिक पदक्रम के बीच ऐतिहासक संघर्ष को जीतने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कांग्रेस सांसदों से कहा, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि घृणा, विभाजनकारी और हिंसा फैलाने वाली ताकतें जो कि संविधान को कुचल रहीं हैं उन्हें दोबारा सत्ता में आने से रोका जाए. हम आज यहां ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत भारत में शासन का संकट है – भ्रष्टाचार है, पूर्ण आर्थिक विफलता है, अक्षमता है और सामाजिक भेदभाव -ये सब अपने चरम पर है.

आक्रोश बढ़ा
उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान सत्ता व्यवस्था के प्रति आक्रोश की लहर बढ़ रही है जो कि हम सब से भारत की जनता को वो विकल्प मुहैया कराने के लिए कड़ी मेहनत करने की मांग कर रही है जिसके वे हकदार हैं- मोदी जी के अच्छे दिन के झूठे वादे का विकल्प. कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के सदस्यों से देश के किसानों और युवाओं की आंखों में उम्मीद की किरण जगाने, आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते मूल्य और घरेलू ऋण की दोहरी मार झेल रहे आम परिवारों को राहत पहुंचाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलितों की रक्षा करने को कहा.

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