वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पुलिस अधिकारी को ये गलती पड़ी भारी, CM योगी ने लगाई फटकार

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पुलिस अधिकारी को ये गलती पड़ी भारी, CM योगी ने लगाई फटकार

बकरीद के मौके पर कानून-व्यवस्था को लेकर हो रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान चाय की चुस्कियां लेते हुए अन्य अफसरों से बतियाना एक वरिष्ठ पुलिस अफसर को भारी पड़ गया। उनके इस गैरजिम्मेदाराना रवैये पर मुख्यमंत्री खासे नाराज हुए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी के निर्देशों के बारे में सवाल दागा तो अफसर बगलें झांकने लगे। मुख्यमंत्री ने अफसर को जमकर फटकार लगाते हुए सुधर जाने की चेतावनी दी। इस अफसर को लेकर सीएम के गुस्से की आंच दूसरे अफसरों तक भी पहुंची।

बकरीद पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर शनिवार शाम मुख्यमंत्री की अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान गोरखपुर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के रवैये पर मुख्यमंत्री काफी नाराज हो गए। हुआ यह कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में पहले डीजीपी ओपी सिंह ने अफसरों को इस मौके पर बरती जाने वाली सतर्कता व कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इसके बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने फील्ड के अफसरों को जरूरी निर्देश दिए। जिस समय डीजीपी संबोधित कर रहे थे, स्क्रीन पर गोरखपुर परिक्षेत्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी चाय की चुस्कियां लेते व अन्य अधिकारियों से बात करते नजर आए। उनका ध्यान डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह के संबोधन पर ज्यादा नहीं था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की इस कार्यशैली पर उच्च अधिकारियों के साथ-साथ सीएम की भी निगाह पड़ गई।

सीएम ने संबोधन शुरू किया तो उन्होंने सबसे पहले गोरखपुर के इसी अधिकारी से सवाल दागते हुए पूछा कि डीजीपी ने क्या निर्देश दिए? पुलिस अफसर सकते में आ गए और बगलें झांकने लगे। वह सीएम के सवाल का जवाब नहीं दे सके। इस पर सीएम बिफर गए। उन्होंने पुलिस अफसर से कहा कि एक घंटा चाय पीए बगैर नहीं रह सकते।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक हो रही है और आपका इस पर कोई ध्यान नहीं है। आपस में ही प्रवचन करते रहेंगे? कमरे में बैठ कर पुलिसिंग करेंगे? आला अफसर बोल रहे हैं और आप अपने में व्यस्त हैं। सभी अफसर सुधर जाएं। जिस काम के लिए तैनात किए गए हैं उसे करना होगा। बहुत मनमानी हो चुकी है। अब ऐसे नहीं चलेगा।

सूत्रों के अनुसार सीएम ने कई और जिलों व परिक्षेत्रों में तैनात अफसरों की कार्यशैली पर भी खासी नाराजगी जताई और कहा कि जब कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। काम करने की खुली छूट है तो अपराध पर नियंत्रण क्यों नहीं हो रहा है।

सीएम ने खास तौर पर मेरठ, प्रतापगढ़ व पूर्वांचल के कुछ जिलों के अफसरों के कामकाज पर असंतोष जताया। जानकारों के अनुसार सीएम की नाराजगी कई अफसरों पर भारी पड़ने जा रही है। बकरीद के बाद जल्द ही ऐसे कई अफसरों को उनके पद से हटाया जा सकता है।

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