फ्रांस के स्कूलों में PHONE पर प्रतिबंध, बच्चों को नहीं मिली फोन ले जाने की इजाजत

फ्रांस के स्कूलों में PHONE पर प्रतिबंध, बच्चों को नहीं मिली फोन ले जाने की इजाजत

फ्रांस में गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल जा रहे बच्चों को अब बिना मोबाइल फोन के, अपने स्कूल जाना होगा. सरकार ने एक कानून पारित कर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में समूचे दिन के लिये फोन पर प्रतिबंध लगा दिया है . इसमें ब्रेक की अवधि भी शामिल है. इस नियम से सिर्फ अपवाद स्वरूप आकस्मिक मामलों में और दिव्यांग बच्चों को छूट मिलेगी. छात्रों से अनुरोध किया गया है कि वे या तो अपने फोन स्विच ऑफ करें या उन्हें लॉकर में रखें. शिक्षा मंत्री ज्यां माइकल ब्लैंक्वैर ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने, सामाजिक दायरा बढ़ाने और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रेरित करना है.

इस प्रतिबंध का उद्देश्य ऑनलाइन धौंस जमाने और स्कूल में चोरी और हिंसा की घटनाओं पर लगाम लगाना भी है. कानून का अनुपालन न करने पर इस नियम के तहत शिक्षकों के पास दिन भर के लिये बच्चों का फोन जब्त करने का भी अधिकार है. 

यदि आपका बच्चा स्मार्टफोन-टैबलेट से खेलता है तो हो जाइये सावधान !
टोरंटोः ऐसे लोगों के लिए यह काम की खबर हो सकती है, जिनके बच्चे अभी छोटे हैं. दरअसल एक अध्ययन में आगाह किया गया है कि स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य उपकरणों पर अधिक समय व्यतीत करने से आपके बच्चे के वाक विकास में देरी हो सकती है. शहर में वर्ष 2011 से 2015 के बीच किए गए इस अध्ययन में छह माह से दो वर्ष तक के 894 बच्चों को शामिल किया गया.

बच्चों के माता-पिता के अनुसार 18 माह तक की जांच में करीब 20 प्रतिशत बच्चों ने औसतन 28 मिनट तक इन उपकरणों का इस्तेमाल किया. भाषायी सीख में देरी से जुड़ी जांच में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि अभिभावकों ने बच्चों के उपकरण की इस्तेमाल की अवधि जितनी अधिक बताई, उनके बच्चों के वाक विकास में उतनी ही देरी पायी गयी. अनुसंधान में पाया गया है कि स्क्रीन टाइम में हर 30 मिनट की देरी पर वाक विकास में विलंब का खतरा 49 प्रतिशत तक बढ़ जाता है.

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