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जाने दुनिया के मुकाबले भारत में कितनी सस्ती है कोरोना वैक्सीन ?

कोरोना वायरस का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है. वहीं कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश में जल्द ही कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू होने वाला है. देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन कोविशील्ड

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कोवैक्सीन को मंजूरी दी गई है दोनों ही वैक्सीन को भारत में तैयार किया गया है, वहीं ये दोनों वैक्सीन दुनिया में बनी अन्य कोरोना वैक्सीन की तुलना में काफी सस्ती है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोविशील्ड की 1.1 करोड़ खुराक के अलावा भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीदी जा रही है.

उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराक खरीदी जा रही है. कोवैक्सीन की 38.5 लाख खुराक में से प्रत्येक पर 295 रुपये की लागत आएगी.

वहीं भारत बायोटेक 16.5 लाख खुराक फ्री मुहैया करा रही है, जिससे इसकी लागत प्रत्येक खुराक पर 206 रुपये आएगी. वहीं भारत सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 200 रुपये प्रति डोज खरीदी है. इस वैक्सीन की 200 रुपये कीमत में टैक्स शामिल नहीं है. कोवीशील्ड की कीमत भारत में 210 रुपये है.

कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. वहीं कई देशों में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू भी हो चुका है. इस बीच दुनिया में मौजूद कोरोना वैक्सीन की कीमतों की तुलना की जाए तो भारत में कोरोना की वैक्सीन काफी सस्ती दरों पर उपलब्ध हो रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दुनिया में उपलब्ध टीकों की कीमतों के बारे में कहा कि फाइजर-बायोएनटेक के टीके की लागत प्रति खुराक 1431 रुपये आती है.

वहीं मॉडर्ना के टीके की खुराक की कीमत 2348 रुपये से लेकर 2715 रुपये तक, नोवावैक्स के टीके की कीमत 1114 रुपये, स्पूतनिक-वी के टीके का दाम 734 रुपये और जॉनसन एंड जॉनसन के जरिए निर्मित टीके की कीमत 734 रुपये है.

केंद्र सरकार ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक निर्धारित राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय भंडारण केंद्र तक कोविड-19 टीके की 54.72 लाख खुराक पहुंचा दी गई है और 14 जनवरी तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 1.1 करोड़

भारत बायोटेक से 55 लाख खुराक मिल जाएगी बता दें कि कोरोना वायरस के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के तहत 16 जनवरी से देश में टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है.

राजेश भूषण ने बताया कि चेन्नई, करनाल, कोलकाता और मुंबई में केंद्र सरकार के चार मेडिकल स्टोर डिपो हैं, जहां पर ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके कोविशील्ड की खुराक पहुंच चुकी है.

इसके अलावा सभी राज्यों में कम से कम एक क्षेत्रीय टीका भंडारण केंद्र हैं. उन्होंने कहा कि कुछ बड़े राज्यों में कई स्टोर हैं. उत्तर प्रदेश में इस तरह के नौ स्टोर हैं, मध्य प्रदेश और गुजरात में चार-चार स्टोर हैं. केरल में तीन भंडारण केंद्र हैं. जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और राजस्थान में दो-दो स्टोर हैं.

भूषण ने बताया कि देश में जायडस कैडिला, रूस के स्पूतनिक-वी, बायोलोजिकल ई और जीनोवा के टीके भी भारत में परीक्षण के अग्रिम चरण में है. आने वाले दिनों में इनमें से कुछ टीका निर्माता आपात स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति के लिए औषधि नियामक के पास आवेदन कर सकते हैं.

क्रमिक तरीके से इन टीकों को पेश किया जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर होंगे. इसके बाद अग्रिम कर्मियों और प्राथमिकता वाले उम्र समूहों का टीकाकरण होगा.

स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम कर्मियों के टीकाकरण का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी. टीके की खुराक देने के 14 दिन बाद असर दिखेगा. लोगों से कोविड-19 के संबंध में उचित व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया जाता है.

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