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रसोर्इ गैस के लिए नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार, तेल कंपनियों ने उठाया ये कदम

अब उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। तेल कंपनियां उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए के लिए सख्त कदम उठाने जा रही हैं। इसके तहत किसी भी गैस एजेंसी में दस हजार से अधिक उपभोक्ता नहीं रखे जा सकेंगे। तेल कंपनियां जल्द ही ऐसी गैस एजेंसियों को चिह्नित करने जा रही हैं। अब उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। तेल कंपनियां उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए के लिए सख्त कदम उठाने जा रही हैं। इसके तहत किसी भी गैस एजेंसी में दस हजार से अधिक उपभोक्ता नहीं रखे जा सकेंगे। तेल कंपनियां जल्द ही ऐसी गैस एजेंसियों को चिह्नित करने जा रही हैं।    दरअसल, कई गैस एजेंसी में हजारों की संख्या में एलपीजी उपभोक्ता हैं। कनेक्शन अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती है और कई बार उन्हें सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। वहीं लाइन में लगकर सिलेंडर लेना पड़ता है। इस परेशानी का देखते हुए गैस कंपनी अब एक गैस एजेंसी में अधिकतम दस हजार उपभोक्ता की सीमा निर्धारित कर रही है।   जल्द ही दस हजार से अधिक उपभोक्ता वाली एजेंसी को चिह्नित किया जाएगा। निर्धारित संख्या से अधिक मिलने वाले कनेक्शनों को नई एजेंसी में शिफ्ट किया जाएगा। इससे एलपीजी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सकेगी।    आइओसी के चीफ एरिया मैनेजर प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। दस हजार से अधिक उपभोक्ता वाली गैस एजेंसियों को चिह्नित किया जाएगा। निर्धारित सीमा से जो कनेक्शन अधिक होंगे, वे अन्य एजेंसी में शिफ्ट किए जाएंगे।

दरअसल, कई गैस एजेंसी में हजारों की संख्या में एलपीजी उपभोक्ता हैं। कनेक्शन अधिक होने के कारण उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पाती है और कई बार उन्हें सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। वहीं लाइन में लगकर सिलेंडर लेना पड़ता है। इस परेशानी का देखते हुए गैस कंपनी अब एक गैस एजेंसी में अधिकतम दस हजार उपभोक्ता की सीमा निर्धारित कर रही है। 

जल्द ही दस हजार से अधिक उपभोक्ता वाली एजेंसी को चिह्नित किया जाएगा। निर्धारित संख्या से अधिक मिलने वाले कनेक्शनों को नई एजेंसी में शिफ्ट किया जाएगा। इससे एलपीजी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सकेगी। 

आइओसी के चीफ एरिया मैनेजर प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। दस हजार से अधिक उपभोक्ता वाली गैस एजेंसियों को चिह्नित किया जाएगा। निर्धारित सीमा से जो कनेक्शन अधिक होंगे, वे अन्य एजेंसी में शिफ्ट किए जाएंगे। 

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