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कानून और मैनेजमेंट के छात्रों की सेवाएं भी लेगा आयकर विभाग

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग अपने करदाताओं को मुफ्त कानूनी सलाह देने छात्रों की सेवाएं भी लेगा। विभाग ने यह निर्णय प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के सुझाव पर लिया है। देश में पहली बार मप्र-छग में यह प्रयोग शुरू किया गया है, जिसमें अब तक कई पेचीदे मामले भी सुलझ चुके हैं।

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आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त पीके दाश ने एक विशेष मुलाकात में यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विभाग के 158वें इनकम टैक्स दिवस के लिए जब वह राज्यपाल को आमंत्रित करने पहुंचे तब सामान्य चर्चा के दौरान उन्होंने यह सुझाव दिया।

विभाग ने देश में पहली बार सीनियर सिटीजंस और जरूरतमंद करदाताओं के लिए मुफ्त विधिक सहायता देने की मुहिम शुरू की है, यह जानकारी मिलते ही राज्यपाल ने सुझाव दिया कि इसमें लॉ यूनिवर्सिटी, कॉलेज और प्रबंधन के छात्रों की सेवाएं भी ली जाएं तो दोनों का लाभ होगा। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि यह सुझाव सभी को पसंद आया और हमने इस पर तुरंत कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

प्रधान आयुक्त ने बताया कि इस साल मप्र-छग को 25 हजार 755 करोड़ रुपए का टारगेट मिला है। पिछले साल प्रदेश ने करीब 22 हजार करोड़ रुपए जुटाए थे। उन्होंने बताया कि करदाता विस्तार अभियान के तहत दोनों राज्यों में 6 लाख 31 हजार 484 नए करदाता जोड़े गए।

मप्र में सबसे ज्यादा बेनामी प्रापर्टी अटैच होने को अपनी टीम की उपलब्धि बताते हुए दाश ने बताया कि विभाग के प्रति करदाताओं के मन से भय और संकोच दूर करने हम दोस्ताना माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए विभागीय अफसरों से हर बुधवार कोई भी करदाता सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिना अपाइंटमेंट मिलकर अपनी समस्याएं रख सकता है।

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