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पटना के सुपर 30 की सुपर कमाई का पर्दाफाश, आज दायर होगी जनहित याचिका

पटना का बहुचर्चित कोचिंग संस्थान सुपर 30 विवादों के घेरे में है। कोचिंग के संचालक आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी कर दूसरे इंस्टीट्यूट के छात्रों को अपने सुपर  30 का बताया। इसके साथ ही उन्होंने सुपर  30 के नाम पर रामानुजम मैथमेटिक्स क्लास में छात्रों का एडमिशन लिया जिसमें छात्रों से पैसे लिए जाते थे। इसका खुलासा होने के बाद अब आनंद कुमार के सुपर 30  खिलाफ बुधवार को पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर होने वाली है।

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एक मीडिया वेबसाइट के मुताबिक पटना हाईकोर्ट  के वरिष्ठ वकील मणिभूषण प्रताप सेंगर ने कहा है कि कोचिंग संस्थान को लेकर जितने सवाल उठ रहे हैं उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सेंगर ने अपनी याचिका में बिहार सरकार को भी पार्टी बनाया है। उन्होंने कहा है कि आनंद कुमार ने इसी साल अपनी संस्थान के लिए जीएसटी नंबर लिया है यानि उनकी सालाना आय 20 लाख से अधिक है। इसलिए आयकर विभाग को भी याचिका में पार्टी बनाया गया है।

बता दें कि आनंद कुमार के सुपर 30 पर लगातार आरोप लग रहे है कि वो आईआईटी के अपने संस्थान के रिजल्ट को बढ़ाचढ़ा कर पेश करता है। कहा जा रहा है कि इस साल के आईआईटी की प्रवेश परीक्षा 30 में से 26 छात्रों ने क्वालिफाई किया है लेकिन बताया जा रहा है कि केवल 3 छात्र ही क्वालिफाई कर पाए।

सेंगर ने कहा कि आनंद कुमार दूसरे इंस्टीट्यूट के छात्रों को अपने संस्थान सुपर 30 के नाम पर दिखाते हैं। ऐसे कई छात्र अब सामने आ रहे हैं। सुपर 30 की प्रवेश परीक्षा पूरे देश में होती है ऐसे में अगर कोई छात्र सुपर 30 के प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेता है। तब भी उन लड़कों को बुलाकर उसे अपने संस्थान का बताते हैं। परीक्षा से पहले ये छात्रों की कोई लिस्ट जारी नहीं करते हैं ताकि पता चल सके कि ये क्वालिफाई किए वही छात्र है जो सुपर 30 में पढ़ते थे।

सेंगर ने अपनी याचिका में सुपर 30 के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाया है कि ये संस्था बिहार कोचिंग रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रड है या नहीं इसकी भी जांच की जाए। इसलिए उन्होंने बिहार सरकार के मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव, पटना के जिलाधिकारी एसडीओ को भी पार्टी बनाया है।

उन्होंने कहा कि सुपर 30 में एडमिशन रामानुजम मैथमेटिक्स क्लास के नाम से लिया जाता रहा है पिछले साल से एडुलेट सोल्यूसंश  ( OPC) प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रसीद कटनी शुरू हुई है।

एडुलेट कंपनी के पीछे है सुपर राज

सुपर  30 के नाम पर स्टुडेंट्स का एडमिशन रामानुजम क्लासेज में लिया जाता है। रामानुजम में बेसिक कोर्स के लिए स्टूडेंट्स से 33,040 रुपये लिए जाते हैं। एडमिशन के समय स्टूडेंट्स को एडुलिट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की रसीद दी जाती है। अब सवाल यह है कि कंपनी किसकी है। खुलासे में पता चला कि इस कंपनी के कर्ता-धर्ता आनंद कुमार के भाई प्रणव कुमार और नॉमिनी आनंद की मां जयंती देवी हैं।

बता दें कि जीएसटी लागू होन के पहलवे रामानुजम में किसी तरह की कोई रसीद नहीं दी जाती थी। तब बेसिक कोर्स की फीस 26,000 रुपये थी। फीस का सारा पैसा कैश में लिया जाता ता। इस फीस का ब्यौरा स्टूडेंट्स के फॉर्म के पीछे दर्ज कर दिया जाता था।  2016-17 बैच में रामानुजम क्लासेज में करीब  2000 स्टूडेंट्स पढ़ते थे यानि एक साल में 52 करोड़ रुपये की काली कमाई हुई। जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।

जीएसटी में गड़बड़झाला

स्टूडेंट्स को मिलने वाली एडुलिट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की रसीद में 28 हजार रुपये फीस और 5040 रुपये जीएसटी के तौर पर लिए जाते हैं। जब इस रसीद की जांच इकोनॉमिक्स एक्सपर्ट से कार्रवाई गई तो पता चला कि रसीद मेमं जीएसटी नंबर ही नहीं है जो कि एक आर्थिक अपराध है। बच्चों से लिया जा रहा जीएसटी का पैसा सरकार के खाते में जमा हो रहा है या नहीं, ये भी एक जांच का विषय है।

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