चुनावों से पहले गर्म होती ‘मंदिर पॉलिटिक्स’, इन राज्यों में धर्मस्थलों का सबसे ज्यादा प्रभाव

चुनावों से पहले गर्म होती ‘मंदिर पॉलिटिक्स’, इन राज्यों में धर्मस्थलों का सबसे ज्यादा प्रभाव

पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना) में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले धर्म की राजनीति ने जोर पकड़ लिया है। मध्यप्रदेश, राजस्थान की 50 फीसदी और छत्तीसगढ़ की 40 प्रतिशत सीटों पर मंदिरों का प्रभाव होने के चलते राजनीतिक दलों ने मंदिर पॉलिटिक्स को अपना हथियार बनना शुरू कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन तीनों राज्यों की कुल 520 विधानसभा सीटों में से 240 सीटों पर प्रमुख मंदिरों का प्रभाव है। इन तीनों में अभी भाजपा की सरकार है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा लगातार 15 साल से सत्ता में है। वहीं राजस्थान में भाजपा ने 2013 में सत्ता में वापसी की थी।  
इसी के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देवालय, शिवालय में जा रहे हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर रहे हैं और चित्रकूट गए। और बीते शनिवार को राहुल फिर मुरैना, गौरीघाट और जबलपुर पुहंचे थे। यहां गौरीघाट में उन्होंने पूजन-अर्चना भी की। वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पीछे नहीं रह रहे हैं। वह भी मंदिर-मंदिर जा रहे हैं। 

अभी और गर्म होगी मंदिर पॉलिटिक्स

चुनाव आयोग शनिवार को पांच राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव तारीखों का एलान कर चुका है। इसके बाद अब मंदिर पॉलिटिक्स के और तेज होने के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के प्रमुख धर्मस्थलों पर राहुल गांधी और अमित शाह के दौरे हो सकते हैं। 

मध्यप्रदेश-
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होगा। यहां विधानसभा की 230 में से 109 सीटों पर 8 प्रमुख धर्मस्थलों का प्रभाव है। भाजपा अध्यक्ष अभी तक दो बार उज्जैन के महाकाल मंदिर जा चुके हैं। वहीं राहुल भोपाल में विश्वकर्मा मंदिर और चित्रकूट में कामतानाथ मंदिर में मत्था टेक चुके हैं। राज्य में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। भाजपा 15 साल से सत्ता पर काबिज है और इस बार वोटरों में उसके प्रति नाराजगी देखी जा रही है। सीएम शिवराज सिंह से सामने सत्ता बचाए रखने की चुनौती है। बसपा ने कांग्रेस को झटका देकर शिवराज की चुनौती की थोड़ा कम जरूर किया है लेकिन रास्ता आसान नहीं है।  

राजस्थान- 
राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होगा। यहां की 200 विधानसभा सीटों में से 81 पर धर्मस्थलों का प्रभाव है। आने वाले दिनों में प्रचार के दौरान अमित शाह और राहुल गांधी के यहां कई मंदिरों में जाने की संभावना है। बता दें कि राजस्थान में भाजपा ने साल 2013 में कांग्रेस को हराकर सत्ता छीनी थी।  इस बार कांग्रेस वापसी की पुरजोर कोशिश में है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत पूरा जोर लगाए हुए हैं। वहीं, वसुंधरा राजे के सामने सरकार को बचाए रखने की बेहद कड़ी चुनौती है। 

छत्तीसगढ़-
पांचों राज्यों में सबसे पहले मतदान छत्तीसगढ़ में होगा। यहां दो चरणों में मतदान होगा। पहले फेज में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 12 नवंबर को जबकि दूसरे फेज में 20 नवंबर को चुनाव होगा।  यहां की यहां 90 में से 50 सीटों पर 5 प्रमुख धार्मिक स्थल प्रभाव डालते हैं। इसी को देखते हुए अमित शाह बम्लेश्वरी मंदिर, शद्दाणी दरबार, गिरौदपुरी मंदिर का दौरा कर चुके हैं। वहीं राहुल गांधी भी गरौदपुरी गए थे। आगामी दिनों में राहुल का डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी, कबीरधाम के भोरमदेव और कबीरपंथी प्रकाश मुनि से मिलने का संभावित कार्यक्रम तय है। बता दें कि छत्तीसगढ़ की सत्ता पर भाजपा 15 साल से काबिज है। डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री पद की कमान संभाले हुए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती और पूर्व कांग्रेस नेता अजीत जोगी के बीच गठबंधन के एलान के बाद मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। 

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