बुलंदशहर हिंसा पर राहुल गांधी का ट्वीट आने के बाद बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपनी बात रखी है

बुलंदशहर हिंसा पर राहुल गांधी का ट्वीट आने के बाद बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपनी बात रखी है

 बुलंदशहर हिंसा पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ज्यादा कुछ बोलने से बचते दिखे. बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमित शाह ने साफ तौर से कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी. बुलंदशहर हिंसा पर अमित शाह ने कहा, ‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. इस घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद पूरा घटनाक्रम पर स्थिति साफ हो पाएगी.’

बुलंदशहर घटना पर राहुल बोले- ‘जनता दहशहत में है’

कांग्रेस ने बुलंदशहर हिंसा में एक पुलिस अधिकारी के मारे जाने की घटना को लेकर कहा कि मोदी-योगी राज में पुलिस का यह हाल है तो फिर जनता कितनी दहशत में होगी. गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘बुलन्दशहर में पुलिस अधिकारी सुबोध सिंह की अराजक भीड़ द्वारा हत्या दर्दनाक और शर्मनाक है. मोदी-योगी राज में पुलिस का जब यह हाल है तो आम जनता कितनी दहशत में होगी.’ इससे पहले, कांग्रेस ने कहा कि इस मामले की हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए. 

पार्टी ने सवाल किया कि क्या यही बदलाव है जिसका वादा प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में किया था? कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, ‘मोदी जी कहते थे कि बदलाव होगा. लेकिन 2014 से आज तक बदलाव नहीं बदला दिख रहा है. भय, भ्रष्टाचार, राम और हनुमान के नाम पर राजनीति दिख रही है.’

उन्होंने कहा, ‘बुलंदशहर में कैसा बदलाव आया है? उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर खुद आरोप लगा रहे हैं कि बजरंग दल और विहिप के लोगों ने साजिश के तहत हिंसा की है. 400 लोगों का इकट्ठा होना, थाने पर हमला करना, पुलिस पर हमला किया जाना, क्या दिखाता है? क्या मोदी जी इसी बदलाव की बात कर रहे थे?’

सिब्बल ने दावा किया, ‘घटना वाले दिन योगी जी रमन सिंह के साथ बैठकर ‘लाइट एंड साउंड शो’ देख रहे थे. उस पुलिस अधिकारी के परिवार की दर्द भरी चीखें नहीं सुनना चाह रहे थे. वह मुठभेड़ पर तुरंत रिपोर्ट मंगवाते हैं, लेकिन इस पर खामोश हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पुलिस की जांच पर तो भरोसा नहीं है. सीबीआई की क्या हालत है, सबको पता है. अगर हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में जांच हो तो कुछ निकल सकता है.’

गौरतलब है कि सोमवार को बुलंदशहर के स्याना में गोकशी की अफवाह के बाद फैली हिंसा में सुबोध सिंह नामक एक पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गई थी.

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