टीम इंडिया के पास 41 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका

टीम इंडिया के पास 41 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका

एडिलेड टेस्ट जीत चुकी टीम इंडिया जब 14 दिसंबर से दूसरे टेस्ट में उतरेगी तो उसके पास 41 साल पुराना रिकॉर्ड बराबर करने का मौका होगा. अगर वह पर्थ में खेला जाने वाला दूसरा टेस्ट जीतती है तो एक रिकॉर्ड टीम इंडिया बनाएगी तो दूसरा कप्तान विराट कोहली. भारतीय टीम मौजूदा सीरीज में 1-0 से आगे है. 

टीम इंडिया 71 साल में 11 बार ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुकी है. यह उसका 12वां दौरा है. सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज में दो टेस्ट मैच जीते हैं. यह कारनामा 1977-78 की सीरीज में बिशन सिंह बेदी की कप्तानी वाली टीम ने किया था. इसके बाद भारत ने 1981, 2003 और 2008 में टेस्ट मैच जीते, लेकिन कभी भी एक सीरीज में दो टेस्ट मैच नहीं जीत पाई. 

Adelaide Test: ऑस्ट्रेलिया में 71 साल में पहली बार सीरीज का पहला टेस्ट जीता भारत

मौजूदा सीरीज में टीम इंडिया एक टेस्ट मैच जीत चुकी है. अब अगर वह पर्थ में भी जीत जाती है तो 1977-78 के दो जीत के रिकॉर्ड को बराबर कर लेगी. इतना ही नहीं, विराट कोहली भी बिशन सिंह बेदी के बतौर कप्तान दो मैच जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे. ऑस्ट्रेलिया में अबतक सिर्फ 5 कप्तान ही टेस्ट मैच जीत पाए हैं. 1977-78 में बिशन सिंह बेदी, 1981 में सुनील गावस्कर, 2003 में सौरव गांगुली, 2008 में अनिल कुंबले और अब मौजूदा सीरीज में विराट कोहली. 

भारत को 1977-1978 में मिली पहली जीत 

भारत को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली जीत के लिए 1977-78 तक इंतजार करना पड़ा. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 1947-48 में खेला गया था.  इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान सर डॉन ब्रैडमेन और भारत के लाला अमरनाथ थे. इस सीरीज को ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से जीता था. इसके बाद 30 साल के इंतजार के बाद बिशन सिंह बेदी की कप्तानी वाली टीम ने ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की थी. भारतीय टीम 1977-78 में बिशन सिंह बेदी की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया पहुंची. उसे शुरुआती दो टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा. 

इसके बाद भारत ने पलटवार करते हुए अगले दो टेस्ट मैच जीत लिए. भारत ने ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट 4 जनवरी 1978 को जीता. उसने मेलबर्न में खेले गए इस मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को 222 रन से हराया. इसके बाद उसने सीरीज का चौथा टेस्ट 2 रन से जीता. सीरीज के पांचवें और आखिरी मैच में भारत को 47 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी. इस तरह भारत यह सीरीज 2-3 से हार गया. 

सुनील गावस्कर की कप्तानी में 1981 में जीता मेलबर्न टेस्ट 

यह तीन मैचों की सीरीज थी. भारत पहला टेस्ट एक पारी और 4 रन से हार गया. एडिलेड में खेला गया दूसरा टेस्ट सैयद किरमानी, कृष्ण घावरी और शिवलाल यादव की बदौलत ड्रॉ हुआ. तीसरे टेस्ट के लिए भारत मेलबर्न पहुंचा. ग्रेग चैपल ने टॉस जीता और आश्चर्यजनक रूप से पहले फील्डिंग करने का फैसला किया. गुंडप्पा विश्वनाथ ने शानदार शतक जमाया. भारत की टीम पहली पारी में 237 रन बनाकर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने एलेन बॉर्डर के शतक की बदौलत 419 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया को 182 रन की लीड मिली. दूसरी पारी में कप्तान सुनील गावस्कर और चेतन चौहान ने पहली विकेट लिए 165 रनों की भागीदारी की. 

सुनील गावस्कर को संदिग्ध फैसले से आउट करार दे दिया गया. भारत की टीम 324 रन बनाकर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 143 रन बनाने थे, लेकिन ऑफ स्पिनर शिवलाल यादव, कृष्ण घावरी और संदीप पाटिल ने शुरुआती विकेट झटक कर ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं. मैच के पांचवें दिन कपिल देव ने दिलीप दोषी के साथ गेंदबाजी शुरू की. कपिल देव ने 17 ओवरों में पांच विकेट लेकर भारत को 59 रन से जीत दिला दी. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 83 रनों पर ढेर हो गई. भारत ने टेस्टी सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. यह भारत की बड़ी नैतिक जीत थी. 
 
सौरव गांगुली की कप्तानी में 2003 में जीता एडिलेड टेस्ट

चार टेस्ट मैचों की यह सीरीज स्टीव वॉ के लिए फेयरवेल सीरीज थी. ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्लेन मैकग्रा और शेन वॉर्न के बिना खेल रही थी. ब्रिसबेन में खेल गए पहले टेस्ट को भारत ने कप्तान सौरव गांगुली के 144 रनों की बदौलत ड्रॉ कराया था. एडिलेड, में स्टीव वॉ ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. रिकी पोन्टिंग ने दोहरा शतक लगा कर अपने कप्तान के फैसले को सही साबित किया. ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने पर 5 विकेट पर 400 रन बनाए. अगले दिन ऑस्ट्रेलिया की पारी 556 रनों पर समाप्त हुई. 

जवाब में भारत ने 82 रन पर अपने 4 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए. सहवाग, सचिन, आकाश चोपड़ा और गांगुली पवेलियन लौट चुके थे. लेकिन कोलकाता के हीरो राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के बीच 303 रन की भागीदारी हुई. लक्ष्मण 148 रनों पर 18 चौके लगाकर आउट हुए. भारतीय टीम 523 रन बना सकी. दूसरी पारी में भारत को अजित अगरकर के रूप में नया नायक मिला. ऑस्ट्रेलिया को स्कोर 3 विकेट पर 44 रन हो गया. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 196 रन पर आउट हो गई. भारत को जीत के लिए 230 रन बनाने थे. भारत ने यह रन बनाकर टेस्ट मैच जीत लिया.

अनिल कुंबले की कप्तानी में 2008 में जीता पर्थ टेस्ट

सिडनी में ‘मंकीगेट कांड’ के तत्काल बाद पर्थ में टेस्ट मैच हुआ. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट 337 रन से जीत चुका था. सिडनी में भी भारत को अंपायरों की वजह से हार का सामना करना पड़ा. भारत के लिए तीसरे टेस्ट में, पर्थ में जीत यह साबित करने के लिए जरूरी थी कि उनकी टीम में अब भी ताकत बची है. भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी की और 330 का सम्मानजनक स्कोर बनाया. द्रविड़ ने 93 और सचिन ने 71 रन की पारी खेली. मिशेल जानसन ने 4 और ब्रेट ली ने 3 विकेट लिए. नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए इरफान पठान ने दोनों ओपनरों को आउट कर दिया. ईशांत ने रिकी पोन्टिंग को आउट किया. 

ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 212 रन पर आउट हो गई. भारत को पहली पारी के आधार पर 118 रन की लीड मिल गई. दूसरी पारी में सहवाग ने 43, इरफान पठान ने 46 रन बनाए. भारत की जीत 350 हो चुकी थी और 3 विकेट शेष थे. भारत ने अंत में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 413 रनों का लक्ष्य दिया. ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत में ही दो विकेट खो दिए. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 340 रन बनाकर 72 रनों से मैच हार गई. सीरीज का चौथा टेस्ट एडिलेड में ड्रॉ रहा और भारत सीरीज 2-1 से हार गया

विराट कोहली की कप्तानी में 2018 में जीता एडिलेड टेस्ट

भारतीय क्रिकेट टीम ने मौजूदा दौरे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच में 31 रनों से जीत हासिल की है. ऑस्ट्रेलिया को भारत की ओर से जीत के लिए 323 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसकी दूसरी पारी 291 रनों पर समाप्त कर मेजबान टीम को 31 रनों से हरा दिया. भारत की इस जीत में चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी के साथ-साथ रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई है. इस टेस्ट मैच में मिली जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. 

इसके साथ ही एडिलेड ओवल मैदान पर 2003 में मिली जीत को दोहराते हुए भारतीय टीम ने 15 साल का सूखा समाप्त किया. साथ ही भारत एशिया की दूसरी टीम हैए जिसने किसी टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में जीत हासिल की है. इससे पहले पाकिस्तान ने 1978-79 में ऐसा किया था. इसके अलावाए भारत को पहली बार ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सीरीज के पहले मैच में जीत हासिल हुई है.

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