ACB करेगा कोटा मेडिकल कॉलेट में दवा घोटाले की जांच,

राजस्थान के कोटा के मेडिकल कॉलेज में लोकल दवा खरीद में घोटाले की जांच अब एसीबी की टीम द्वारा की जाएगी. मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद कोटा एसीबी नयापुरा चौकी में दवा खरीद में गड़बड़झाले की जांच शुरू हो गई है. एसीबी की टीम ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से दवा खरीद टेंडर से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं. वहीं औषधि नियंत्रण सगंठन से अब तक कि गई जांच की रिपोर्ट भी मांगी है.

एसीबी के एडिशनल एसपी ठाकुर चन्द्रशील ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में दवा घोटाले की खबर मीडिया में प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के वार्ड पार्षद मोहम्मद हुसैन ने 15 जनवरी को एसीबी कोटा में परिवाद पेश किया था. डॉक्टर, लेखाधिकारी पर अनियमितता के आरोप लगाते हुए दवा खरीद टेंडर की जांच की मांग की करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी. परिवाद को जयपुर मुख्यालय भिजवाया गया था. 6 फरवरी को मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद एसीबी ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है.

यह है पूरा मामला

मार्च 2018 में कॉलेज स्तर पर लोकल स्तर पर दवा खरीद के लिए 11 करोड़ का टेंडर जारी हुआ था. इमसें एक ही परिवार की तीन फर्मो को दवा सप्लाई का टेंडर जारी हुआ था. फर्म द्वारा अस्पतालों में दवा सप्लाई नहीं की जा रही थीं. इस कारण एमबीएस अस्पताल, एमआरपी से 37 प्रतिशत डिस्काउंट वाली दुकान और नए अस्पताल में एमआरपी मूल्य पर उपभोक्ता भंडार के जरिए दवा खरीद की जा रही थी.

इससे सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा था. वहीं लोकल स्तर पर हुए टेंडर के तहत दवा सप्लायर ने कम गुणवत्ता की करीब 60 हजार दर्द निवारक जेल ऑइंटमेंट सप्लाई कर दिए थे. जी मीडिया ने पूरे मामले में खुलासा करते हुए दवा खरीद में गड़बड़झाले की खबर को प्रमुखता से दिखाया था. इसके बाद दवा घोटाले की गूंज विधानसभा तक पहुंची थी. जिसके बाद चिकित्सा विभाग हरकत में आया और चिकित्सा शिक्षा सचिव हेमन्त गैरा के निर्देश पर मेडिकल एज्युकेशन के उपसचिव मोहनलाल वर्मा की अगुवाई में तीन सदस्य टीम ने मेडिकल कॉलेज कोटा में कार्रवाई की और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों को जब्त किया था.

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