CM नीतीश कुमार ने की हमले की निंदा, कांग्रेस ने की ‘राष्ट्रीय शोक

जम्मू कश्मीर के पुलवामा के अवंतिपोरा में हुए आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हुए हैं. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस आतंकी हमले में बिहार के दो सपूत शहीद हुए हैं.

इस आतंकी हमले से बिहार में गम और शोक का माहौल है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हमले की निंदा की है और कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी. इसका जवाब उन्हें जरूर मिलेगा. जो परिवार शहीद हुए हैं उनके साथ पूरा देश खड़ा है.

साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर के अवंतिपोरा हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले पर हुआ आतंकी हमला दुःखद. शहीद जवानों को नमन तथा उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना. वीर जवानों की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा.

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी हमले की निंदा की है और कहा है कि आतंकियों से लड़कर शहीद हुए अर्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी आदि) के जवानों को सरकार शहीद तो बोलती है लेकिन शहीद का दर्जा नहीं देती. हमारी पुरज़ोर मांग है कि पैरामिलिट्री के जवानों को शहीद के दर्जे के साथ-साथ शहीद परिवारों को मिलनी वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए.

वहीं, विधानमंडल में एक मिनट का मौन रखा गया. बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सीआरपीएफ जवानों पर हमला कायराना, हम इसकी निंदा करते हैं. शहीद जवानों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. हम सब मिलकर देश को नुकसान पहुंचाने वाली शक्तियों का सामना करेंगे.

आरजेडी और कांग्रेस ने राष्ट्रीय शोक घोषित करने की मांग की है. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए जवानों के सम्मान में राष्ट्रीय शोक की घोषणा होनी चाहिए.

आपको बता दें कि बिहार के मसौढ़ी के संजय कुमार सिन्हा भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए. उनकी उम्र 45 वर्ष थी. संजय कुमार सिन्हा 8 फरवरी को घर आए थे और 15 दिन बाद वो अपनी बेटी की शादी के लिए फिर से घर आने वाले थे. संजय कुमार सिन्हा के परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में सन्नाटा पसर गया है.

बिहार के भागलपुर के रतन कुमार ठाकुर शहीद हो गए. रतन कुमार ठाकुर 2011 के बैच के 45 बटालियन में कॉन्सेटेबल के पद पर तैनात थे. रतन कुमार की पत्नी मां बनने वाली हैं और इसलिए उन्हें अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है.

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