यूपी: सब इंस्पेक्टर बनना चाहती थी कांस्टेबल नीतू, दर्ज हो सकता है मर्डर का केस

यूपी: सब इंस्पेक्टर बनना चाहती थी कांस्टेबल नीतू, दर्ज हो सकता है मर्डर का केस

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कमासिन थाना परिसर में चार सितंबर को कथित रूप से महिला सिपाही नीतू शुक्ला की फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में नीतू के पिता और परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर तत्कालीन थानाध्यक्ष और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या किए जाने की तहरीर देकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है. हालांकि एसपी ने सिर्फ जांच का भरोसा देकर टरका दिया है.

बता दें कि बांदा जिले के कमासिन थाना में नीतू शुक्ला कांस्टेबल के तौर पर तैनात थी. बताते हैं कि नीतू कांस्टेबल से सब इंस्पेक्टर बनना चाहती थी. वह इसकी तैयारी कर रही थी. नीतू ने इसके लिए परीक्षा भी दी थी, जिसमें वह सफल होने में सिर्फ दो नंबर पीछे रह गई थी. 4 सितंबर को नीतू का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था. मौके से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें महिला अफसरों और सिपाहियों सहित कुल चार लोगों पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया गया था.

उपनिरीक्षक पिता अनिल कुमार ने आज उन्हीं चारों के खिलाफ तहरीर दी है. पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने बताया कि ‘मृत सिपाही नीतू के पिता ने एक तहरीर दी है, जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रतिमा सिंह, सिपाही नेहा शुक्ला, नीलम वेणु व तस्लीम अहमद को नामजद किया गया है.’ उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से कराई जा रही है, बरामद सुसाइड नोट को सत्यापन के लिए भेजा गया है. साथ ही जांच पूरी होने तक प्रतिमा सिंह के कमासिन थाना जाने में रोक लगा दी गई है.

मृत कांस्टेबल के पिता ने फिर दोहराया कि ‘मौत के हालात बता रहे थे कि बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर फांसी पर लटकाया गया है.’ इस बीच सोशल मीडिया में यह मामला गरमाता जा रहा है और कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता सीमा खान इस मुद्दे को जनता की अदालत में ले जाने की रणनीति बना रही हैं. सीमा खान ने कहा कि ‘जिन पुलिस अधिकारियों के कंधों पर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वह अपने ही मातहत को न्याय नहीं दे पा रहे हैं.

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