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शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की कमी होने पर जल्दी-जल्दी होती है अनेको बीमार

हम जानते हैं कि बैक्टीरिया के कारण संक्रमण बढ़ जाता है. इसलिए बैक्टीरिया का विकास नहीं होने देना चाहिए. लेकिन लगातार हो रही रिसर्च ने बताया कि हर बैक्टीरिया शरीर के लिए बुरा या खतरनाक नहीं होता है.

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बल्कि हमारे शरीर में कुछ अच्छे बैक्टीरिया भी होते हैं, जो हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं. मगर गलत चीजें खाने और कुछ गलत आदतों के कारण ये अच्छे बैक्टीरिया मरने लगते हैं. आइए इन फूड्स और आदतों के बारे में जानते हैं.

आयुर्वेदिक चिकित्सक व लेखक डॉ. अबरार मुल्तानी ने बताया कि, हमारे शरीर में करीब 100 ट्रिलियन गुड बैक्टीरिया (अच्छे बैक्टीरिया) होते हैं. जो फिंगर प्रिंट की तरह हर व्यक्ति में बिल्कुल विशिष्ट हो सकते हैं. इन चीजों का सेवन करने से वह नष्ट हो जाते हैं.

स्टेरॉइड व एंटी-एलर्जिक दवाओं का सेवन
जंक फूड व कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
बहुत तेज मिर्च मसाला या अत्यधिक नॉन-वेज खाना
शुगर
कच्चे फल और सब्जियां
रेशेदार भोजन को कम खाना, आदि

डॉ. अबरार मुल्तानी का कहना है कि अच्छे बैक्टेरिया को नष्ट करना ऐसा ही जैसे कि हम धीमा जहर ले रहे हों. इनकी रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि ये निम्नलिखित कार्यों में मददगार होते हैं.

टर्म जीवन बीमा योजना
बुरे बैक्टीरिया को नष्ट करके इंफेक्शन से बचाना
शरीर में फंगस को नष्ट करना
शरीर से टॉक्सिन्स को नही बनने देना
भोजन में मौजूद टॉक्सिन्स को नष्ट करना
कब्ज से बचाना
दस्त और पेचिश से रक्षा करना
विटामिन बी और के का निर्माण करना
मिनरल्स का अवशोषण बढ़ाना
प्रोटीन और वसा के पाचन में सहायता करना
इम्युनिटी बढ़ाना
एस्ट्रोजन जैसे हॉर्मोन निर्माण में सहायता करना
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करके हार्ट की समस्या से बचाना
कैंसर से सुरक्षा प्रदान करना, आदि

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाओं के आविष्कार के बाद दवा निर्माता कंपनियों ने बैक्टीरिया के खिलाफ एक डर का माहौल तैयार किया. जिसके बाद हमने हर छोटी-मोटी समस्या में बेधड़क एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन किया. जिससे बुरे बैक्टीरिया के साथ अच्छे बैक्टीरिया भी नष्ट होने लगे. इस प्रक्रिया को ‘डिसबायोसिस’ कहते हैं. जिसमें शरीर में अच्छे बैक्टेरिया कम होने लगते हैं हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं.

एक्सपर्ट के मुताबिक, एंटीबायोटिक के अलावा एंटासिड भी डिसबायोसिस के लिए जिम्मेदार होते हैं. क्योंकि वे आमाशय में एसिड को कम करते हैं, जिससे बुरे बैक्टीरिया की तादाद बढ़ जाती हैं और वे मिलकर अच्छे बेक्टेरिया को नष्ट करने लगते हैं.

हर छोटी-मोटी समस्या के लिए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल न करें.
एंटासिड का भी बेमतलब इस्तेमाल ना करें.
आर्टिफिशियल स्टेरॉइड से बचें.
जंक फूड की जगह प्राकृतिक, शाकाहारी और कच्चा भोजन लें.
दवाओं में प्रोबायोटिक लें ताकि इन अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़े.
दही का सेवन करें.

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