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SCO Summit: पीएम मोदी ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा, अशरफ गनी की कोशिशों को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान में शांति के मजबूत प्रयास करने के लिए अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी की प्रशंसा की और उम्मीद जतायी कि सभी पक्ष उनके इन कामों की सराहना करेंगे. उन्होंने इसी क्रम में गनी द्वारा ईद के मौके पर संघर्षविराम की घोषणा करने का जिक्र किया. मोदी यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के सीमित सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने एससीओ में अफगानिस्तान के लिए संपर्क समूह बनाने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा.

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पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन की मौजूदगी में मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद और चरमपंथ के प्रभावों का अफगानिस्तान एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है. मुझे उम्मीद है कि शांति की दिशा में राष्ट्रपति गनी ने जो मजबूत पहल की है उसका सभी पक्ष सम्मान करेंगे.’’

मोदी ने ईद के मौके पर तालिबान के साथ हफ्तेभर लंबे संघर्षविराम की घोषणा का जिक्र किया. उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते गनी ने ट्वीट कर कहा था कि रमजान के महीने में 27 वें दिन से ईद-उल-फित्र के पांचवे दिन तक संघर्ष विराम रहेगा. यह 12 से 19 जून तक रहेगा. गनी की घोषणा के बाद 9 जून को तालिबान ने ईद के पहले तीन दिन गोलीबारी रोकने की घोषणा की है.

शंघाई सहयोग संगठन क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ संपर्क स्थापित करना भारत की प्राथमिकता : मोदी
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देशों और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत आने वाले क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क (कनेक्टिविटी) होने को भारत की प्राथमिकता बताया. उन्होंने इस शिखर सम्मेलन के नतीजों पर पूर्ण सहयोग देने की भारत की प्रतिबद्धता को भी जाहिर किया.

एससीओ शिखर सम्मेलन के सीमित सत्र के दौरान मोदी ने ‘सिक्योर’ की अवधारणा को भी रखा. इसमें ‘एस’ से आशय नागरिकों के लिए सुरक्षा, ‘ई’ से आर्थिक विकास, ‘सी’ से क्षेत्र में संपर्क (कनेक्टिविटी), ‘यू’ से एकता, ‘आर’ से संप्रभुता और अखंडता का सम्मान और ‘ई’ से पर्यावरण सुरक्षा है. मोदी ने कहा, ‘हम एक बार फिर उस पड़ाव पर पहुंच गए है जहां भौतिक और डिजिटल संपर्क भूगोल की परिभाषा बदल रहा है. इसलिए हमारे पड़ोसियों और एससीओ क्षेत्र में संपर्क हमारी प्राथमिकता है

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