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मुख्यमंत्री ने एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ

के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व एच0सी0एल0 ने लखनऊ को चुना और लखनऊ ने एच0सी0एल0 को अपनाया। दोनों की साझा यात्रा पर आज प्रदेश के लोग गौरव की अनुभूति कर सकते हैं। एच0सी0एल0 के युवा प्रोफेशनल्स आगामी 05 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्ण सहयोग के साथ लखनऊ को भारत की अग्रणी ए0आई0 इनोवेशन सिटी के रूप में स्थापित करने के अभियान का हिस्सा बनें। एच0सी0एल0 को भी इस दिशा में सहयोग का प्रस्ताव दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां एच0सी0एल0 टेक के एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्हांने एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ में फेज-2 के तहत विस्तारीकरण कार्य का शिलान्यास किया तथा ‘इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेण्टर’ का उद्घाटन किया तथा एच0सी0एल0 के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने एच0सी0एल0 फाउण्डेशन की विभिन्न पहलों से जुड़े लाभार्थियों को सम्मानित किया तथा एच0सी0एल0 टेक कार्मिकों से संवाद किया। इस अवसर पर एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी लखनऊ के 10 वर्ष की यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ में कम से कम 50 विश्वस्तरीय ए0आई0 स्टार्ट-अप स्थापित करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सशक्त नवाचार ईको सिस्टम तैयार करने में प्रदेश सरकार पूरा सहयोग देने के लिए तत्पर और प्रतिबद्ध है। युवा प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के विजन से जुड़ें। आगामी 21 वर्षों में भारत को दुनिया के विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री जी ने एच0सी0एल0 की वैश्विक यात्रा की स्वर्ण जयन्ती तथा लखनऊ आई0टी0 सिटी के 10वें स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि एच0सी0एल0 की 05 दशक की यात्रा इसके संस्थापक श्री शिव नाडर ने उत्तर प्रदेश से प्रारम्भ की थी। उत्तर प्रदेश की धरती से शुरू हुई यह यात्रा आज वैश्विक यात्रा बन चुकी है। इसी विजन के साथ श्री नाडर ने 10 वर्ष पूर्व लखनऊ में इस यात्रा को नई पहचान देने का संकल्प लिया था। जब उत्तर प्रदेश का युवा प्रदेश में ही रहकर दुनिया के लिए तकनीक तैयार करता है, तो सबसे अधिक खुशी उसके माता-पिता को होती है। एक समय प्रदेश के युवाओं को अच्छी डिग्री प्राप्त करने के उपरान्त कैरियर निर्माण के लिए दिल्ली, मुम्बई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों को जाना पड़ता था। आज स्थिति बदल चुकी है। अब प्रदेश का युवा अपने कैरियर के लिए लखनऊ को चुन रहा है और दुनिया का युवा उत्तर प्रदेश में आ रहा है। यही परिवर्तन की पहचान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एच0सी0एल0 के कर्मचारी अब केवल कम्पनी के कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ब्राण्ड एम्बेसडर भी हैं। उन्होंने लगभग नौ वर्ष पहले इस कैम्पस का भ्रमण किया था और आज पुनः यहां आकर प्रशिक्षण, नवाचार और युवाओं के उत्साह को निकट से देखा है। लखनऊ से जब कोई बेटी अपने कैरियर की उड़ान भरती है, तो केवल उसका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार का जीवन बदलता है। यह सफलता कई बेटियों के लिए नई राह और प्रेरणा बनती है। किसी माँ की दुआ, किसी पिता का सपना और किसी परिवार का विश्वास भी जुड़ा है। अपने बेटों और बेटियों के परिश्रम को सफल होते देख रहे परिवारों की आकांक्षाओं का साकार रूप आज लखनऊ के एच0सी0एल0 कैम्पस के रूप में सभी के सामने है।
लखनऊ कैम्पस के 10 वर्षों की यात्रा का उत्सव विगत एक दशक की उपलब्धियों का उत्सव ही नहीं, बल्कि आगामी 100 वर्षों की नींव को मजबूत करने का अवसर भी है। आज जिन कार्यों का शुभारम्भ किया गया है, उनके माध्यम से आगामी दशक में लखनऊ केवल आई0टी0 सर्विसेज का केन्द्र नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, सेमीकण्डक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कम्प्यूटिंग, कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी और डीप टेक का प्रमुख केन्द्र बनेगा। इसके लिए स्वयं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना होगा।
उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी उर्वरा भूमि और युवा शक्ति है। प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वज उर्वरा भूमि को अपनी ताकत मानते रहे हैं। आज प्रदेश के पास अच्छी भूमि के साथ-साथ भारत की सबसे युवा कार्यशक्ति भी है। युवाओं की प्रतिभा प्रदेश की सबसे बड़ी सामर्थ्य एवं शक्ति है।
एच0सी0एल0 लखनऊ के 10 वर्ष इस बात का प्रमाण हैं कि प्रतिभा को अवसर मिले तो उत्तर प्रदेश का युवा पीछे रहने वाला नहीं है। 10 वर्ष पूर्व इस यात्रा की शुरुआत 100 युवाओं से हुई थी, जबकि आज इस कैम्पस में 12,000 युवा कार्य कर रहे हैं। यह एच0सी0एल0 का सबसे बड़ा कैम्पस है। लखनऊ केवल एच0सी0एल0 का होम नहीं, बल्कि लखनऊ की विकास गाथा का हिस्सा बन चुका है। कैम्पस में कार्यरत उत्साही युवाओं का आत्मविश्वास इस परिवर्तन का प्रमाण है। अब प्रदेश के समक्ष पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश में रोजगार तथा नौकरी का संकट भी नहीं है। विगत 09 वर्षों में लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 09 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश में बेटियों की नाइट शिफ्ट की कल्पना करना कठिन था। आज बेटियां और बहनें नाइट शिफ्ट में बेझिझक कार्य कर रही हैं और सुरक्षित वातावरण में अपने घर लौट रही हैं। एक समय पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर भय और दहशत का माहौल पैदा किया जाता था। आज अपराधी पुलिस को देखकर भयभीत होते हैं। बेटियों और बहनों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता। इसी विश्वास के साथ प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आगे बढ़ाया है।
उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और अपनी विशिष्ट खानपान परम्पराओं के लिए जाना जा रहा है। आज बलिया से बिजनौर तक लगभग 1,200 किलोमीटर की दूरी लगभग 10 घण्टे में तय की जा सकती है। 10 वर्ष पहले इसी दूरी को तय करने में कई दिन लगते थे। यह बदले हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को ‘डिजिटल इण्डिया’ का दूरदर्शी विजन दिया था। उस समय कुछ लोगों ने सवाल किया कि भारत में डिजिटल इण्डिया कैसे होगा। इसी प्रकार जब जनधन खाते खोले गए तो इन्हें खाली अकाउण्ट बताकर उनका मजाक उड़ाया गया और गरीब का अपमान कहा गया। आज डी0बी0टी0 (प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण) ने अन्त्योदय के सपने को साकार किया है। दिल्ली या लखनऊ से गरीब के लिए भेजा गया पैसा सीधे उसके खाते में पहुंच रहा है। यह तकनीक और डिजिटल इण्डिया की शक्ति का परिणाम है।
जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इण्डिया के विजन ने देश की विकास यात्रा को नई दिशा दी, उसी प्रकार श्री शिव नाडर की दूरदर्शिता ने एच0सी0एल0 को वैश्विक कम्पनी के रूप में स्थापित किया। 50 वर्ष पूर्व एच0सी0एल0 की नींव रखने वाले श्री शिव नाडर का विजन आज वैश्विक सफलता के रूप में सभी के सामने है। उस यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय उत्तर प्रदेश में लिखा गया है।
एच0सी0एल0 टेक ने उत्तर प्रदेश में केवल कारोबार नहीं किया, बल्कि सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गांवों की महिलाओं, स्वयंसेवी समूहों और समुदाय आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें स्वावलम्बन की ओर बढ़ाने का कार्य किया गया है। सीतापुर और बुलन्दशहर जैसे जनपदों में स्कूलों के माध्यम से बच्चों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया है। विगत 10-11 वर्षों में एच0सी0एल0 के कार्यक्रम प्रदेश के 50 लाख से अधिक लोगों और 3,000 से अधिक गांवों तक पहुंचे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि तकनीक और विकास का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल बड़े शहरों में बड़े कैम्पस बनाना नहीं है। वास्तविक विकास तब है, जब गांव का किसान बेहतर तकनीक से जुड़े, बहन-बेटियों को आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों, गांव के बच्चे बेहतर शिक्षा से जुड़ें, ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें और ग्रामीण युवा नई अर्थव्यवस्था तथा नए अवसरों का हिस्सा बनें। एक ओर एच0सी0एल0 का वैश्विक तकनीकी कैम्पस व दूसरी ओर गांवों में सामुदायिक विकास कार्यक्रम तथा एक ओर वैश्विक नवाचार और दूसरी ओर आधारभूत विकास, दोनों एक साथ आगे बढ़ेंगे तो यह समावेशी विकास का मॉडल होगा।
एक दशक पूर्व उत्तर प्रदेश में कार्य करना चुनौतीपूर्ण था। प्रदेश की छवि खराब थी, सुरक्षा का वातावरण अनुकूल नहीं था, पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं था और आई0टी0 सेक्टर की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आज देश की 55 प्रतिशत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश में हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट में उत्तर प्रदेश का योगदान 60 प्रतिशत है। एक दशक पूर्व आई0टी0 एवं आई0टी0ई0एस0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश से लगभग 12,000 से 15,000 करोड़ रुपये का निर्यात होता था, जबकि आज यह 01 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। प्रदेश का लक्ष्य आगामी 04 वर्षों में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। लगभग 10 वर्ष पूर्व प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात 3,800 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2030 तक इसे 02 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अब सॉफ्टवेयर कम्पनियों के लिए केवल नोएडा ही विकल्प नहीं है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में भी आई0टी0 पार्क संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में 07 सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क कार्य कर रहे हैं। वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आई0टी0 पार्क विकसित किए जा रहे हैं। आई0टी0 अब केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुन्देलखण्ड तक पहुंच रहा है। गौतमबुद्ध नगर में 12 आई0टी0 एवं आई0टी0ई0एस0 स्पेशल इकोनॉमिक जोन हैं। नई स्टार्ट-अप नीति के अन्तर्गत नोएडा और लखनऊ को डीप टेक हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस दिशा में निरन्तर कार्य आगे बढ़ रहा है। लखनऊ में देश का पहली ए0आई0 सिटी स्थापित करने तथा ए0आई0 ईको सिस्टम को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को एच0सी0एल0 टेक की अध्यक्ष श्रीमती रोशनी नाडर मल्होत्रा ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर स्टेट ट्रॉन्सफॉर्मेशन कमिशन के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्रॉनिक्स श्री आलोक कुमार, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, शिव नाडर फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री शिखर मल्होत्रा तथा एच0सी0एल0 लखनऊ से जुड़े विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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