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वाहन पार्किंग के नाम पर की जा रही वसूली

-नगर निगम व अयोध्या विकास प्राधिकरण बना मूकदर्शक, आये दिन होती है मारपीट
अयोध्या। श्रीराम मंदिर निर्माण होने के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार व जिला प्रशासन की मंशा के अनुरूप घर-घर में होम स्टे व गेस्ट हाउस बनने शुरू हो गए। देखते-देखते हजारों की संख्या में होमस्टे और गेस्ट हाउस बन गए। इनमें से कुछ पंजीकृत है तो कुछ बिना पंजीकरण के। इन होम स्टे व गेस्ट हाउस के मालिकानों द्वारा निर्धारित मानकों को भी नजरअंदाज किया गया और किसी ने भी वाहन पार्किंग का निर्माण नहीं कराया। अयोध्या आने वाले पर्यटकों के वाहन गली कूचों व सड़कों पर खड़े रहते हैं, जिससे जगह-जगह मार्ग अवरूद्ध हो जाते हैं। जानकारी होने के बावजूद अयोध्या नगर निगम और अयोध्या विकास प्राधिकरण पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है।
  ज्ञातव्य हो कि राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से ही अयोध्या में बाहरी श्रद्धालुओं का भारी संख्या में आगमन शुरू हो गया था नगर निगम व विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के बाहर-बाहर तो कुछ पार्किंग बनवाई गईं लेकिन शहर के अंदर एक भी पार्किंग का निर्माण नहीं कराया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार जिला प्रशासन ने नगर में गेस्ट हाउस व होमस्टे निर्माण किए जाने की अनुमति अयोध्या वासियों को दी जिसके तहत लोगों ने अपने घरों को होमस्टे में बदल दिया,तमाम लोगों ने बैंकों से कर्ज लेकर गेस्ट हाउस बनवा डालें लेकिन उन लोगों ने वाहनों के खड़े होने के लिए वाहन पार्किंग का इंतजाम नहीं किया। अधिकांश गेस्ट हाउस व होम स्टे में रुकने वाले पर्यटकों के वाहन सड़कों पर ही खड़े रहते हैं जिसके कारण मार्ग अवरूद्ध हो जाते हैं। मौके का फायदा उठाते हुए कुछ मठाधीशों व जमीन के मालिकों द्वारा अवैध रूप से अपने यहां पार्किंग बना ली और वाहनों को खड़ा करने के लिए मनमानी रकम वाहन मालिकों से वसूल कर अपनी आमदनी बढ़ाने का काम शुरू कर दिया। नगर में चल रही हजारों वाहन पार्किंगों का कोई पंजीकरण नहीं है और न  ही उनसे किसी तरह का शुल्क विकास प्राधिकरण या नगर निगम वसूल रहा है। इन वाहन पार्किंग में सुरक्षा,पेयजल,  शौचालय की भी कोई सुविधा पर्यटकों के लिए नहीं है। गेस्ट हाउस व होम स्टे के मालिक पर्यटकों के वाहनों को सड़क पर खड़े कराते हैं लेकिन पार्किंग शुल्क स्वयं वसूलते हैं। विशेष बात यह है कि नगर में चल रहे हजारों गेस्ट हाउस व होम स्टे निर्मित कराए जाने के समय सुरक्षा मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। इन सभी गेस्ट हाउसों और होमस्टे की जांच होनी चाहिए और उनके मालिकों द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा न किए जाने पर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए। अयोध्या विकास प्राधिकरण और नगर निगम को इन व्यवसायिक कार्यों में उपयोग किये जा रहे भवनों का उसी हिसाब से कर निर्धारण करना चाहिए। विद्युत विभाग को इन भवनों की जांच करके विद्युत भार बढ़ाना चाहिए साथ ही नगर निगम को गृह कर और जलकर में व्यावसायिक दृष्टि से वृद्धि करना चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था न होने वाले होम स्टे व गेस्ट हाउस मालिकों के विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। आए दिन वाहन पार्किंग के लिए झगड़े होते रहते हैं। अशोक सिंहल वार्ड के भाजपा पार्षद अंकित त्रिपाठी ने कई बार रामघाट क्षेत्र में चल रहे अवैध वाहन पार्किंग को समाप्त कराने के लिए अभियान चलाया, उन्होंने अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराते हुए वाहन पार्किंग का रजिस्ट्रेशन करने व निर्धारित मानकों को पार्किंग मालिकों से पूरा कराने का अनुरोध किया लेकिन जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, व अयोध्या विकास प्राधिकरण मूकदर्शक बना हुआ है जिससे नगर में सड़कों पर जाम लगने के साथ-साथ आए दिन मारपीट की घटनाएं वाहन स्वामियों और पार्किंग मालिकों के बीच होती रहती है।

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