जनशिकायतों का 24 घंटे में मिले संतोषजनक जवाब, निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में हो निस्तारण: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और उसकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। जनपद स्तर के साथ शासन स्तर पर भी जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए। दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाणपत्र से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण हो। निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में किया जाए और प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की सूची सार्वजनिक की जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
शुक्रवार को शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें, गश्त में शामिल हों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें। संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के साथ उन्हें आवश्यक सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने को भी कहा, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। जिलाधिकारी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय से सूचित करें। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने, पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने और सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान करने के निर्देश भी दिए।
अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले 48 घंटे के भीतर वर्षा से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा।
आगामी पर्व-त्योहारों के शांति और सौहार्दपूर्ण आयोजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विंध्याचल धाम (मीरजापुर), देवीपाटन शक्तिपीठ (बलरामपुर), सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी (सहारनपुर) और मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य (सीतापुर) सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। थाना, चौकी और जिला स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। दुर्गा पूजा पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार रखी जाए। विजयादशमी पर पुतला दहन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते एवं ढीले विद्युत तारों को ठीक कराने, जर्जर खंभों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों और गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर विकास एवं आवास विभाग नगरों में विशेष साफ-सफाई और साज-सज्जा कराए। प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, कुशल गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें। मेलों एवं विसर्जन स्थलों पर खोया-पाया केंद्र, सहायता केंद्र और जन उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाए। प्रमुख स्थलों की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखी जाए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें न लगने दी जाएं। परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन करे और बस स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखे। भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुगम यातायात, प्रभावी डायवर्जन और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाए।



