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जम्मू कश्मीर में जवानों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर लगातार जारी

जम्मू कश्मीर में पिछले 13 दिनों से जवानों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है. जवानों की कोशिश है कि जल्द से जल्द आतंकियों को ढेर करके ऑपरेशन को खत्म किया जाए. इलाके से अतंकियों के खात्मे के लिए सेना की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं.

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वहीं आतंकी न सिर्फ सेना और पुलिस के जवानों को निशाना बना रहे हैं बल्कि सॉफ्ट टारगेट के तहत नागरिकों की भी हत्या कर रहे हैं. अक्टूबर के महीने में अब तक आतंकियों ने 11 निर्दोष नागरिकों को मौत की नींद सुला चुका है.

आतंकियों की ओर से घाटी की फिजा में डर पैदा करने के लिए आतंकी निर्दोष नागरिकों की हत्या में जुटे हुए हैं. घाटी में जवानों की कार्रवाई के बाद बौखलाए आतंकी अब एक-एककर नागरिकों को मारने में जुटे हैं

और लोगों के बीच दहशत का माहौल कायम करने में जुटे हुए हैं. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि किस दिन आतंकियों ने कितने नागरिकों को मौत की नींद सुला चुका है.

मोहम्मद शफी डार: इस महीने सबसे पहले आतंकियों ने डार की हत्या कर दी. आतंकियों ने 2 अक्टूबर को डार की हत्या कर दी. डार की हत्या आतंकियों ने सिर्फ इस शक में कर दी कि सुरक्षा बलों के साथ उसके कथित तौर पर संबंध थे.

माजिद अहमद गोजरी: चट्टाबल श्रीनगर के चट्टाबल निवासी गोजरी की भी हत्या आतंकियों ने 2 अक्टूबर को कर दी. करण नगर इलाके के मदीना कॉम्प्लेक्स के पास आतंकवादियों ने गोजली को गोली मार दी. जिसके बाद उसे पास के अस्पताल भर्ती करवाया गया. जहां वह इलाज के दौरन दम तोड़ दिया. गोजरी की भी हत्या सुरक्षा बलों के साथ कथित संबंध को लेकर की गई.

माखन लाल बिंदू: माखन लाल बिंदू को आतंकियों ने 5 अक्टूबर को अपनी गोली का शिकार बनाया. बिंदू कश्मीरी पंडित थे और फार्मेसी की दुकान थी. बिंदू को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया. वह 1990 के दशक से ही कश्मीर में परिवार के साथ रह रहे थे.

वीरेंद्र पासवान: श्रीनगर के लाल बाजार में वीरेंद्र पासवान स्ट्रीड फूड का कारोबार करता था. वीरेंद्र पासवान बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले थे. वीरेंद्र पासवान की हत्या उसी दिन हुई थी जिस दिन बिंदू को आतंकियों ने गोली मारी थी.

मोहम्मद शफी लोन: आतंकियों ने बांदीपोरा के एक टैक्सी स्टैंड के अध्यक्ष शफी की उसी दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिस दिन बिंदू और पासवान की हत्या की गई थी. शफी पेशे से ड्राइवर थे. शफी की हत्या के बाद भाग रहे लश्कर के आतंकी इम्तियाज अहमद डार को जवानों ने मार गिराया था.

सुपिंदर कौर: श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल सुपिंदर कौर की हत्या 7 अक्टूबर को आतंकियों ने कर दी. वह ईदगाह इलाके के गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर तैनात थीं. स्कूल में ड्यूटी के दौरान आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी.

दीपक चंद: सुपिंदर कौर के स्कूल में वह एक शिक्षक थे. दीपक चंद हिंदू परिवार से थे और जम्मू के रहने वाले थे. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे स्कूल में उन्हें भी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

सगीर अहमद: आतंकियों ने सगीर अहमद की हत्या 16 अक्टूबर को कर दी. वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले थे और पेशे से बढ़ई का काम करते थे. गोली गलने के बाद उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

अरविंद कुमार शाहः श्रीनगर में शनिवार को आतंकवादियों ने गोलगप्पे बेचने वाले अरविंद शाह की मौत की घाट उतार दी. वह बिहार के बांका जिले के रहने वाले थे. उनकी उम्र करीब 30 साल थी. अरविंद शहर के ईदगाह इलाके में एक पार्क के बाहर गोलगप्पे बेचने का काम करते थे.

राजा रेशी देव: राजा देव भी बिहार के मजदूर थे जो कि जम्मू कश्मीर पहुंचकर वहां काम कर रहे थे. आतंकियों ने उनकी हत्या किराने के दुकान में काम करने के दौरान कर दी.

जोगिंदर रेशी देव: आतंकवादियों ने जोगिंदर देव को भी मौत की नींद सुला चुका है. जोगिंदर की हत्या उसी दुकान पर की गई जहां राजा देव की हत्या हुई थी. आतंकवादियों ने दुकान पर धावा बोल दिया और गोली मारकर जोगिंदर की हत्या कर दी. जोगिंदर भी बिहार के रहने वाले थे.

बता दें कि आतंकियों के साथ जारी एनकाउंट में अब तक सेना के 2 जूनियर कमीशंड ऑफिसरों समेत कुल 9 जवान शहीद हो गए हैं. वहीं जवानों की जवाबी कार्रवाई में कितने आतंकी मारे गए हैं अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है.

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