Main Slideखबर 50खेलदिल्ली एनसीआरदेशबड़ी खबर

अमेरिकी वीजा सख्ती का असर, भारतीय प्रोफेशनल्स की बढ़ी भारत वापसी

अमेरिका में इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों को लेकर बढ़ती सख्ती का असर वहां काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स पर साफ नजर आने लगा है. एच-1बी और एल-1 जैसे नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा पर कार्यरत अधिकारियों को बार-बार बदलते नियमों, कड़े अनुपालन और मंजूरी में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान इन नीतियों में और सख्ती आई है, जिससे अमेरिका में लंबे समय तक करियर की योजना बनाना कठिन होता जा रहा है.
इस बदलते माहौल के बीच रिवर्स ब्रेन ड्रेन की प्रक्रिया तेज होती दिख रही है. बीते एक साल में बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल्स अमेरिका छोड़कर भारत लौटे हैं. शुरुआत में यह रुझान मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित था, जहां छंटनी और वीज़ा पाबंदियों का सीधा असर पड़ा. अब उपभोक्ता वस्तुओं, कंज़्यूमर टेक्नोलॉजी, सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स के मिड और सीनियर लेवल एग्जीक्यूटिव्स भी इसमें शामिल हो रहे हैं.
रिक्रूटमेंट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, लौटने वाले कई एग्जीक्यूटिव्स की सालाना आय 1.5 लाख डॉलर से 4 लाख डॉलर के बीच थी. इसके बावजूद वीज़ा से जुड़ी अस्थिरता, परिवार की सुरक्षा और करियर की दीर्घकालिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने भारत लौटने का निर्णय लिया. कुछ मिड-लेवल प्रोफेशनल्स ने भारत में अपेक्षाकृत कम वेतन पर भी काम स्वीकार किया है, लेकिन वे इसे लंबे समय के बेहतर अवसर के रूप में देख रहे हैं.
भारत वापसी करने वालों में सीएक्सओ स्तर के अधिकारी भी बड़ी संख्या में शामिल हैं. पिछले एक वर्ष में कंज़्यूमर टेक्नोलॉजी, पैकेज्ड फूड और सेवाओं से जुड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारी भारत लौटकर नेतृत्व की प्रमुख भूमिकाएं संभाल चुके हैं. इन अधिकारियों का कहना है कि पहले वे भारत से मिलने वाले ऑफर्स को नजरअंदाज कर देते थे, लेकिन हालिया वीज़ा अनिश्चितता ने उनके फैसले की दिशा बदल दी.
भारत में तेजी से उभरते कारोबारी अवसर इस ट्रेंड को और मजबूती दे रहे हैं. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियां, बड़े कॉरपोरेट समूह, स्थापित स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग फर्म्स वैश्विक अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल्स को अहम जिम्मेदारियां दे रही हैं. दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की पहचान ने इसकी आकर्षण क्षमता को और बढ़ाया है.
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इनोवेशन, नए सेक्टर्स का विस्तार और अनुभवी लीडर्स की बढ़ती मांग के चलते भारतीय एग्जीक्यूटिव्स की भारत वापसी का यह सिलसिला आने वाले समय में और तेज हो सकता है.

Related Articles

Back to top button