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उ0प्र0 सरकार एवं केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में जनपद झांसी में तीन दिवसीय ‘राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व-झांसी जलसा’ कार्यक्रम का आयोजन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राष्ट्र रक्षा हम सबका मूल धर्म है। इस धर्म का पालन करके हम न केवल वर्तमान को बल्कि आने वाले भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। मुख्यमंत्री जी आज जनपद झांसी में ‘राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व-झांसी जलसा’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। प्रदेश सरकार एवं केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री, भारत सरकार श्री राजनाथ सिंह जी तथा मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया।
    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बुन्देलखण्ड क्षेत्र विकास की एक नई उमंग के साथ आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता के मूल्य एवं आदर्श प्रदेश सरकार को जन कल्याण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि झांसी जलसा कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री जी अपने कर-कमलों से उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड के पहले प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। वर्तमान में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई की विभिन्न परियोजनाएं तेजी के साथ क्रियान्वित की जा रही हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल योजना’ द्वारा मार्च, 2022 तक बुन्देलखण्ड क्षेत्र के प्रत्येक घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। 10 हजार 500 करोड़ रुपये की यह परियोजना बुन्देलखण्ड क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक के विकास एवं उसके जीवन में नये उत्साह को बढ़ाने का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बुन्देलखण्ड के सभी लोगों को विकास योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के उपलब्ध करा रही है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बुन्देलखण्ड की जीवन रेखा साबित होगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद ललितपुर में एक नया मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी द्वारा विगत वर्ष जनपद झांसी में रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों का उद्घाटन किया गया था।  
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह धरती वीरांगनाओं की पहचान है। 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने विदेशी हुकूमत की जड़ें हिलाने का कार्य किया था। रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व में स्वतंत्रता का अभियान इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित है। झांसी की रानी के 193वें जन्मदिन को आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़कर मनाना एक सुंदर प्रयास है। इस कार्यक्रम में सैन्य सुदृढ़ीकरण के कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, रंग कर्मियों द्वारा जन सहभागिता को विकसित करने वाले विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। बुन्देलखण्ड वासियों के लिए यह अभिनव कार्यक्रम होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा किए गए बलिदान को आज हमारी रक्षा सेनाओं के ओज एवं तेज के माध्यम से देखा जा सकता है। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम राष्ट्र रक्षा के प्रति समर्पण के भाव को आह्लादित कर रहा है। लोक कथाओं व काव्यों में झांसी के ओज और तेज को वीर रस के साथ प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’, जन-जन की जुबान में है। रानी लक्ष्मीबाई का अमृत वाक्य ‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’ का भाव प्रत्येक भारतीय के मन में मातृभूमि के प्रति समर्पण एवं उमंग को पैदा करता है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री जी ने रानी झांसी के शौर्य एवं बलिदान को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश रक्षा में आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर है। आजादी के बाद देश सामरिक आजादी की ओर कदम बढ़ा रहा है और हम ‘मेक इन इंडिया’ से आगे बढ़कर ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की ओर बढ़ रहे हैं। डिफेंस कॉरिडोर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगा।
रक्षा मंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सहित विभिन्न विकास कार्यों तथा कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार के कोविड प्रबन्धन की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी इस कर्मयोगी की प्रशंसा हो रही है और दूसरी ओर इनका नाम याद आते ही अपराधियों की हार्टबीट बढ़ जाती है।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपने पूर्वजों के संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए। रानी लक्ष्मीबाई की वीरता ने नारी शक्ति को नया नाम दिया और महिला होने को अपनी बाधा नहीं बनने दिया। उन्हीं की प्रेरणा का परिणाम है कि आज देश के हर क्षेत्र में महिलाओं को स्थान मिला है। महिलाओं को सेना में भी स्थाई कमीशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी द्वारा महिलाओं के प्रवेश दिए जाने का परिणाम है कि इस साल एन0डी0ए0 में प्रवेश के लिए दो लाख से अधिक बालिकाओं ने परीक्षा दी है।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी का तात्पर्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रक्षा मंत्री देश की सीमाओं सहित साइबर हमले एवं अंतरिक्ष से होने वाले खतरे पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में हमें अपने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। ऐसी आधुनिक सेना तैयार करनी है जो इन सब चुनौतियों का सामना कर सके। इसके लिए रक्षा उपकरणों में आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 209 हथियार भारत में बनने लगे हैं। इतना ही नहीं हम उनको अन्य देशों को भी निर्यात कर सकेंगे। देश की कंपनियों को आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में उन्होंने कहा कि इस बार एच0ए0एल0 को 50 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आर्डर दिया गया है। पिछले 07 वर्षों में 38 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उपकरण निर्यात किए गये हैं।
इस अवसर पर लोक कलाकारों ने राई नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति से लोगों को अभिभूत किया। इससे पूर्व, लक्ष्मी व्यायाम मंदिर प्रांगण में सेना के जवानों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा कार्यक्रम के उपरांत रक्षा मंत्री जी द्वारा हाथी ग्राउंड पर स्थित रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।
इस अवसर पर केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, प्रदेश के आबकारी मंत्री श्री राम नरेश अग्निहोत्री, श्रम राज्य मंत्री श्री मनोहरलाल मन्नु कोरी, झांसी के महापौर श्री रामतीर्थ सिंघल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, रक्षा सचिव भारत सरकार श्री अजय कुमार तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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