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जाने कब है इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण

इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण 04 दिसंबर शनिवार को है. इस दिन आपको सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए, ताकि आप ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकें. ग्रहण के दिन राहु और केतु से सूर्य देव तो कुछ समय के लिए परेशान रहते हैं,

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उनका असर अन्य ग्रहों पर भी पड़ता है. ऐसे में आप सूर्य ग्रहण के दिन नवग्रह मंत्रों का जाप करके दुष्प्रभावों से बच सकते हैं. नवग्रहों से जुड़े वैदिक मंत्र और उनके बीज मंत्र भी हैं. यहां आपको नवग्रहों के बीच मंत्र के बारे में बताया जा रहा है.

नवग्रह मंत्र
सूर्य मंत्र: ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
चंद्रमा मंत्र: ओम श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
मंगल मंत्र: ओम क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
बुध मंत्र: ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
बृहस्पति मंत्र: ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नम:
शुक्र मंत्र: ओम द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
श​नि मंत्र: ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
राहु मंत्र: ओम भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
केतु मंत्र: ओम स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

नवग्रह मंत्रों का जाप आप एक माला कर सकते हैं. जो ग्रह आपके कमजोर हैं, उनके मंत्र को 108 बार जप सकते हैं. सभी ग्रहों के मंत्रों के जाप के लिए अलग-अलग मालाएं बताई जाती हैं, लेकिन यह एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं हो पाता है. ऐसे में आप रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप कर सकते हैं.

कुंडली में ग्रहों की शांति के​ लिए भी इन मंत्रों का जाप किया जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन मंत्रों के जाप से ग्रहों के दुष्प्रभाव में कमी आती है.

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