CM उद्धव की मोदी से मुलाकात के बाद आई कांग्रेस व शिवसेना में दरार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की उसके बाद नागरिकता संशोधन कानून पर अपना रुख दोहराया और कहा कि किसी को भी नए नागरिकता कानून से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा हमने नागरिकता संशोधन अधिनियम, नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर चर्चा की है। मैंने पहले ही इन मुद्दों पर अपना रुख साफ कर दिया है। किसी को सीएए से डरना नहीं चाहिए शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने कहा कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजी मुसलमानों के लिए खतरनाक है वही

मनीष तिवारी में अपने ट्वीट अकाउंट पर लिखा महाराष्ट्र के सीएम उद्ध्व ठाकरे को सीएए पर नियम 2003 के हिसाब से ब्रीफिंग की जरूरत है। उनको यह समझना चाहिए कि एनपीआर से एनआरसी की बुनियाद कैसे पड़ेगी। एक बार जब आप एनपीआर कर लेते हैं तो एनआरसी को नहीं रोक सकते। संविधान के हिसाब से सीएए को फिर से समझने की जरूरत है दरअसल महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना के मुखिया उद्ध्व ठाकरे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि सीएए को लेकर किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से सरकार बनाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि कांग्रेस और शिवसेना की राय सीएए व एनआरसी पर अलग-अलग है तो क्या दोनों के बीच रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है। जानकारों की माने तो उद्ध्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक घंटे की मुलाकात की और उसके बाद एक प्रेस कांफ्रेंस करके सीएए व एनआरसी पर अपना रुख साफ किया। हालांकि उद्ध्व ने सोनिया गांधी से भी एक घंटे मुलाकात की थी, लेकिन इसको लेकर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया.



