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सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में जस्टिस जोसेफ की होगी नियुक्ति, केंद्र ने दी मंजूरी

उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. एम. जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति का मामला कई महीनों से लटका हुआ है। सूत्रों की मानें तो अब केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूर कर लिया है। इसके अलावा दो और जजों मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और ओडिसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विनीत शरण की भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की कॉलेजियम की सिफारिश को सरकार ने मंजूर कर लिया है। 

जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति संबंधित सिफारिश सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने 10 जनवरी को की थी। तब  से लेकर अब तक यह मामला अधर में लटका पड़ा था। इस दौरान सरकार ने कई बार कॉलेजियम की सिफारिश को नामंजूर भी किया था। इससे पहले केंद्र सरकार ने 26 अप्रैल को न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ को पदोन्नति देने संबंधी सिफारिश की फाइल पुनर्विचार के लिये कॉलेजियम को यह कहते हुये लौटा दी थी कि यह प्रस्ताव शीर्ष अदालत के मानदंडों के अनुरूप नहीं है। 

यही नहीं, सरकार ने फाइल लौटाते हुये उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति जोसेफ की वरिष्ठता पर भी सवाल उठाये थे। जिसके बाद इसपर काफी विवाद भी हुआ था।

बता दें कि जोसेफ की शीर्ष अदालत में संभावित पदोन्नति बीते काफी समय से रूकी हुई है। क्योंकि बीते दिनों न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कॉलेजियम में न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी शामिल किए गए थे जबकि माना जा रहा था कि जोसेफ को चेलमेश्वर के सेवानिवृत्त होने के बाद शामिल किया जाएगा। 

गौरतलब है कि जस्टिस जोसेफ उस पीठ के प्रमुख थे जिसने 2016 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाने के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था। इसलिए ऐसा माना जा रहा था कि सरकार उसी का बदला लेने के लिए जस्टिस जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति संबंधित कॉलेजियम की सिफारिश मंजूर नहीं कर रही है। 

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