1100 लाख की सड़क, चंद माह में उखड़ी परत

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज एक बार फिर सवालों के कठघरे में है जहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी विश्वविद्यालय की मुख्य सड़कनिर्माण के कुछ ही महीनों बाद उखड़ने लगी है, जिससे कार्य की गुणवत्ता और धन के उपयोग पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है।
विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1से प्रशासनिक भवन एवं आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा तक बने मुख्य मार्ग की स्थिति चिंताजनक है। सड़क पर जगह-जगह पैचवर्क और मरम्मत की पट्टियां साफ दिखाई देती हैं। महज लगभग 600 मीटर की दूरी में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर उखड़ी सड़क यह बताने के लिए काफी है कि निर्माण कार्य कितना टिकाऊ रहा होगा। विश्वविद्यालय परिसर की आंतरिक सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए बीते वर्ष 2025 में करीब 1100 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया था। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा बीते अक्टूबर माह में आयोजित 27वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर जारी कुलपति प्रतिवेदन में भी दर्ज है। इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद बाद भी मुख्य सड़क का तेजी से क्षतिग्रस्त होना, निर्माण एजेंसी और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नैक मूल्यांकन के दौरान उपलब्ध कराई गई धनराशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया। मूल्यांकन समाप्त होते ही सड़क की परतें उखड़ने लगीं और अब यह मार्ग बदहाली का प्रतीक बनता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर मौन साधे हुए है। वहीं विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि करीब दो माह पूर्व परिसर आई एग्रीकल्चर ऑडिट टीम ने भी सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई थी,लेकिन कथित तौर पर उन आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया। नतीजतन करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद सड़क की यह दुर्दशा विश्वविद्यालय की पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। देखना यह है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या पूर्व की भांति यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद अयोध्या में जिला उद्योग प्रोत्साहन और उधमिता विकास केंद्र द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 17 दिसंबर 2025 को किया गया था। योजना के अंतर्गत जनपद अयोध्या में विभिन्न ट्रेड से जुड़े 1125 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसका संचालन यू.पी. इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) द्वारा किया जा रहा था।इस कार्यक्रम का संचालन यूपीकॉन के जनपद सयोजक आशुतोष सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आए हुए मुख्य अतिथि उद्योग उपायुक्त अमरेश कुमार पाण्डेय का बुके देकर भव्य स्वागत किया।वही कार्यक्रम का समापन उद्योग उपायुक्त अमरेश कुमार पाण्डेय द्वारा लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देकर किया गया, जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।वही कार्यक्रम के सयोजक आशुतोष सिंह का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों व उधमिओ को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना था जिससे लोकल फॉर वोकल को बड़ावा मिल सके।



