कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

मिल्कीपुर-अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के खिलाफ दस बिंदुओं पर हुई शासन में हुई शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं। संयुक्त सचिव ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह द्वारा विश्वविद्यालय में की जा रही अनियमितताओं के शिकायत की जांच अयोध्या मंडल के आयुक्त को सौंप दी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक देवरिया जनपद अंतर्गत भगवान पुर थाना रामपुर कारखाना निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट बृजेश मिश्रा ने प्रदेश के मुख्यमंत्रीको संदर्भित शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के कुलपति डॉ विजेंद्र सिंह द्वारा अपने चहेतों को मुख्य पोस्ट पर रखकर धन का बंदर बांट और नियमों की अनदेखी करते हुए स्थानीय स्तर पर विभिन्न महाविद्यालय में डीन बना दिए हैं जिससे सरकारी पैसे एवं नियमों का दुरुपयोग किया जा सके। 10 बिंदुओं पर की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि कुलपति द्वारा नियुक्तियों में बड़ी मात्रा में आरक्षण घोटाला किया गया है, जिससे अपने चहेतों को बड़ी संख्या में खुलेआम अपने निजी सचिव डॉ जसवंत सिंह द्वारा पैसे लेकर नियुक्तियां की गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में शासन यूजीसी के नियम विरोध अपने चाहे तो को पैसे लेकर सहायक प्राध्यापक सह प्राध्यापक प्राध्यापक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियम विरुद्ध जोड़कर शाह प्राध्यापक बना दिया जाना जैसे डॉ संजीत कुमार सिंह को अपूर्ण डॉक्यूमेंट रहते हुए भी सीधे प्राध्यापक बना दिया जाना एवं अन्य बहुत से शामिल हैं।इसके अलावा कृषि महाविद्यालय के डॉ डी के सिंह डीन जो कि विश्वविद्यालय के वरिष्ठता में बहुत पीछे हैं तथा आजमगढ़ कॉलेज में सह अधिष्ठाता के पद पर कार्यरत हैं, को विश्वविद्यालय में लाकर वहां सबसे महत्वपूर्ण पद दे दिया जाना एवं बहुत ही जूनियर डॉ राम बटुक सिंह को विश्वविद्यालय में निदेशक प्रसार बना दिया जाना शामिल है। इसके अलावा शिकायतों में प्रमुख रूप से दिव्यांग व्यक्ति डॉ विनोद सिंह को विश्वविद्यालय का सुरक्षा प्रभारी स्टेट ऑफिसर के साथ-साथ बहुत सारे पद दे दिया जाना,बलदाऊ वाटिका का उद्घाटन महामहिम राज्यपाल द्वारा बीते दिनांक 13 फरवरी 2025 को कराया गया जिसमें करोड़ों रुपए खर्च कर दिया गया, पूर्व निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ ए के सिंह द्वारा चलाए गए परियोजना में भारी लूटपाट कर 223 लाख रुपए का राजकीय नुकसान किया गया, जिसमें कुलपति जी बराबर के हिस्सेदार थे।कुलपति जी की धर्मपत्नी का विश्वविद्यालय कैंपस स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में 50- 50 लाख रुपए की एफ डी बनाया जाना एवं बनारस में कुलपति महोदय द्वारा जमीन खरीदना जो कि धन के बंदर वांट का ही एक उदाहरण है।इसके अलावा कृषि विज्ञान केदो में चल रहे परियोजनाओं को केवल कागजों में ही सीमित रखना और करोड़ों रुपए का बंदरवांट शामिल है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने एक महत्वपूर्ण आरोप लगाया है कि अपने कुछ खास शिक्षकों को पीएचडी करने के लिए नियम विरुद्ध बाहर भेज दिया गया एवं पूरा विभाग खाली कर दिया गया। जिससे उस विभाग के छात्र एवं छात्राएं सफर कर रहे हैं। परंतु वहीं पर कुछ विभागों के शिक्षकों के रहते हुए भी यहीं से पीएचडी करने का मौका नहीं दिया जाना, उच्च शिक्षा हेतु अध्ययन अवकाश नियमावली जो कि विश्वविद्यालय के विद्युत परिषद एवं प्रबंधन परिषद द्वारा अनुमोदित है तथा शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।शिकायतों का संज्ञान लेकर प्रदेश के संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने प्रकरण की सुस्पष्ट जांच किए जाने के आदेश मंडलायक्त अयोध्या को दे दिए हैं।



