सफलता ही नहीं सार्थकता की ओर अग्रसर हो समाज : डॉ. बिजेंद्र सिंह

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर के अहिल्याबाई होल्कर बालिका छात्रावास, केंद्रीय पुस्तकालय, में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने पूजन अर्चन कर और मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उपस्थित छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्या वह शक्ति है, जो व्यक्ति को विवेकवान, संवेदनशील और उत्तरदाई बनाती है। मां सरस्वती केवल ज्ञान की अधिष्ठात्री नहीं है, बल्कि वाणी, विचार और आचरण की दिव्य प्रेरणा भी है। बसंत पंचमी का यह अवसर सभी छात्र-छात्राओं को प्रेरणा देता है, कि सफलता ही नहीं, सार्थकता की ओर भी अग्रसर होना होगा तभी ज्ञान, करुणा और सेवा से युक्त समर्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी में बसंत पंचमी के अवसर प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया। फार्मेसी समन्वयक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि ज्ञान ही मानव को अज्ञान के अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। डॉ. अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि माँ सरस्वती की कृपा से विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, नवाचार की भावना तथा बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। योग विज्ञान विभाग में शिक्षकों एवं छात्राओं द्वारा बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती का विधि- विधान से पूजन-अर्चन कर सर्वे भवंतु सुखिनः का संदेश देते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस के अवसर पर विभाग के समक्ष शिक्षकों एवं छात्रों ने पौधरोपण कर पर्यावरण को समृद्ध करने का संदेश दिया।
अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास में छात्राओं के द्वारा बसंत पंचमी पर आधारित सुंदर रंगोली का निर्माण कर समृद्ध रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर नीलम पाठक, प्रो सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो सुरेन्द्र मिश्र, वार्डन डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ अनुराग सोनी, आलोक तिवारी, डॉ. स्वाति सिंह, के के मिश्र, आशीष जायसवाल, रामनिवास गौड़, दिवाकर पाण्डेय सहित बड़ी छात्रावास की छात्राएं एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


