धर्म/अध्यात्म

ग्रहण के वजह से ही बच गयी थी अर्जुन की जान…जानिए कैसे।

आज साल का अंतिम सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है. ऐसे में सूतक ग्रहण आरंभ होने से 12 घंटे पहले लगता है और इस नियम के अनुसार भारत में ग्रहण का सूतक बीते कल रात 8 बजे से लग गया था. वहीं ज्योतिशास्त्र में सूर्य को आत्मा का कारक ग्रह माना गया है इस कारण से सूर्यग्रहण का प्रभाव सभी जीव-जंतुओं और प्रकृति पर होता है. कहते हैं राहु-केतु से लेकर महाभारत काल का भी सूर्य ग्रहण से संबंध है और ग्रहण के कारण ही एकबार अर्जुन की जान भी बची थी. तो आइए जानते हैं वह कथा.

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भगवान कृष्ण को पता था कि आज सूर्यग्रहण लगने वाला है. ग्रहण लगते ही जयद्रथ और दुर्योधन खुशी से उछल पड़े. जयद्रथ अर्जुन के सामने यह कहते हुआ आ गया कि सूर्यास्त हो गया है अब तुम अग्निसमाधि लो. इसी बीच ग्रहण समाप्त हो गया और सूर्य फिर से आसमान में चमकने लगे. अर्जुन ने पलक झपकते ही जयद्रथ का वध कर दिया. इस तरह ग्रहण के कारण अर्जुन के प्राण बच गए.

कहते हैं शास्त्रों में कथा है कि कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के अवसर पर माता यशोदा और नंद बाबा के साथ देवी राधा भी स्नान करने आई थीं. गोकुल छोड़ने के बाद राधा कृष्ण की फिर से मुलाकात ग्रहण के दिन ही हुई थी. महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन ने सूर्यास्त तक जयद्रथ को मारने की प्रतिज्ञा ली थी. अर्जुन ने कहा था कि अगर वह सूर्यास्त तक जयद्रथ को नहीं मार पाए तो वह अग्निसमाधि ले लेंगे.

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