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दिल्ली की अदालत ने निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दिए जाने पर लगा दी रोक

निर्भया से गैंगरेप,हत्या के दोषियों में से एक की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेजा 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुई इस खौफनाक घटना के एक अन्य दोषी विनय शर्मा की माफी याचिका भी राष्ट्रपति के पास पहुंची थी लेकिन अर्जी वापस ले ली थी कि इसके लिए उसकी राय नहीं ली गई थी। अब एक अन्य दोषी मुकेश की याचिका को गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति के पास भेज दिया अब अदालत ने मुकेश की दया याचिका पर फैसला न होने के चलते तारीख को टालने का आदेश दिया.

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इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 22 जनवरी को फांसी नहीं हो सकती है इस बीच दोषियों की फांसी लगातार टलते रहने से आहत निर्भया के परिजनों ने दिल्ली सरकार पर आक्रोश जाहिर किया है।

उन्होंने कहा कि यदि इलेक्शन से पहले कोई फैसला नहीं आता है तो इसके जिम्मेदार अरविंद केजरीवाल होंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के लिए निर्भया केस का इस्तेमाल किया निर्भया की मां ने कहा सरकार चुप है, कोर्ट चुप है, कानून में कमियां हैं।

जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला 2017 में आ गया, तब मैं दिल्ली सरकार के पास गई, केंद्र के पास गई। आखिर दोषियों को इतना अधिकार क्यों? कहा कि 2012 में जब घटना हुई तो इन्हीं लोगों ने तिरंगे लेकर और काली पट्टी बांधकर खूब नारे लगाए मैं प्रधानमंत्रीजी से यही कहना चाहती हूं कि आपने जिस तरह से तमाम किए हैं, उसी तरह बच्ची की मौत के साथ मजाक न होने दे

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