जम्मू कश्मीर

बागी नेताओं पर सख्ती नहीं करेगी पीडीपी

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) बागी नेताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने गुरुवार को कहा कि नाराज नेताओं से बातचीत कर उनके गुस्से का कारण जानेंगे, फिर आगामी कार्रवाई करेंगे।

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19 जून को भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने बाद पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार गिर गई थी। इसके बाद पीडीपी में कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि 12 से अधिक विधायक किसी भी समय पाला बदलकर नेशनल कांग्रेस, कांग्रेस या भाजपा के साथ मिल सकते हैं या अलग संगठन बना सकते हैं।

पीडीपी के बागी विधायकों में पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी और डॉ. हसीब द्राबू से लेकर अब्बास वानी, अब्दुल मजीद पडर, हक खान और रफी अहमद मीर के नाम लिए जा रहे हैं। इन नेताओं ने खुलेआम पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को ही सरकार के गिरने का कारण बताया है। इन नेताओं महबूबा पर संगठन और सरकार में परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली अक्षम मुख्यमंत्री करार देते हुए राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन की संभावना का संकेत भी दिया है।

अभी तक पीडीपी की तरफ से इन नेताओं के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई किए जाने का कोई संकेत नहीं मिला है। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने कहा कि जल्द ही इन नाराज नेताओं से बैठक कर उनकी नाराजगी को जानने व उसे दूर करने का प्रयास करेंगे। अभी तक संगठन या पार्टी अध्यक्ष ने इनकी संगठन विरोधी बयानबाजी का कोई संज्ञान नहीं लिया है।

मीर ने कहा कि महबूबा इस समय दिल्ली में हैं और जब वह आएंगी तो पूरे हालात पर मंथन होगा। हमारा संगठन लोकतांत्रिक संगठन है, इसमें हर नेता और कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का हक है। जो लोग नाराजगी जता रहे हैं, वे सभी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में ही हैं। इनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने के बजाय उनसे बातचीत कर नाराजगी को दूर कर संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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