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असम में बाढ़ का कहर लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदिया उफान पर अब तक 12 लोगो की गई जान

असम में बाढ़ के कहर से हजारों की संख्या में लोग सड़क पर आने को मजबूर हो गए हैं. करीब एक हफ्ते से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण यहां स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और अब तक 38,000 लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रतिदिन की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बाढ़ में एक और व्यक्ति की मौत हो जाने के साथ कुल मृतक संख्या बढ़ कर 12 हो गई है.

डिब्रूगढ़ में सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर में भी बाढ़ का पानी घुस गया है जिसके कारण जवानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां जवानों के बेड रूम तक पानी पहुंच गया है.

असम के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वह उफान पर हैं. गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी खतरे के निशान से सिर्फ एक मीटर नीचे है.

हालांकि नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग के अधिकारी साजिदुल हक ने बताया, ‘ब्रह्मपुत्र नदी के पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और इसके और बढ़ने की संभावना है. वर्तमान में पानी का स्तर खतरे के निशान से 1 मीटर नीचे है.’

बाढ़ की इस लहर में अब तक 12 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यहां बताया कि पिछले 24 घंटे में बाढ़ से शिवसागर जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है. बता दें कि बाढ़ के कारण असम के देहामजी, जोरहट, शिवसागर और डिब्रूगढ़ जिले में लोगों का जीना मुहाल हो गया है.

बाढ़ के कारण असम के 100 से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है. यही कारण है कि इन गांवों को लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, इस बाढ़ से फसल भी चौपट हो गई है. यहां करीब 5,031 हेक्टेयर भूमि की फसल बर्बाद हो चुकी है.

एक तरफ कोरोना का संकट और उसमें बाढ़ से तबाही के बीच असम सरकार ने कई राहत शिविरों की व्यवस्था की है. जानकारी के मुताबिक असम में सरकारी की तरफ से 27 रिलीफ कैंप और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर की व्यवस्था की गई है जहां से लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है. हजार से ज्यादा की संख्या में लोगों ने इन शिविरों में शरण ली है.

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