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वैज्ञानिक ने तैयार किया श्रीमद् भगवदगीता का ऑडियो एलबम

आमजनों खासकर युवाओं को श्रीमद् भगवदगीता का महत्व समझाने के लिए वैज्ञानिक द्वारा ऑडियो एलबम तैयार किया गया है। यह एलबम मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित निजी फार्मा कंपनी में वरिष्ठ महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत 55 वर्षीय डॉ. डी. मुरली कृष्णा ने तैयार किया है। तीन वर्ष की मेहनत के बाद यह एलबम तैयार हो सका है।आमजनों खासकर युवाओं को श्रीमद् भगवदगीता का महत्व समझाने के लिए वैज्ञानिक द्वारा ऑडियो एलबम तैयार किया गया है। यह एलबम मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित निजी फार्मा कंपनी में वरिष्ठ महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत 55 वर्षीय डॉ. डी. मुरली कृष्णा ने तैयार किया है। तीन वर्ष की मेहनत के बाद यह एलबम तैयार हो सका है।  दिल्ली के आंध्र भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार दैनिक जागरण को बताया कि यह ऑडियो एलबम दुख एवं अवसाद को दूर करने तथा जीवन में सुख-शांति प्राप्त करने के लिए बनाया गया है। इसमें श्रीमद् भगवदगीता के चुनिंदा 108 श्लोक हैं, जो प्रेरणा, आत्म-नियंत्रण, व्यवहार, नेतृत्व, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता और कर्तव्य पर आधारित हैं।  ये श्लोक जीवन के हर संदर्भ में सही रास्ते पर जाने के लिए लोगों को प्रभावित करेंगे। इन श्लोकों का मर्म समझकर प्रबंधन सिद्धांत और आध्यात्मिकता की अवधारणा से रूबरू हुआ जा सकता है। यह एलबम व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से युवा पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी है।  डॉ. मुरली कृष्णा ने बताया कि सभी श्लोकों का गायन उन्होंने ही किया है, जो शास्त्रीय संगीत पर आधारित है। यह ऑडियो एलबम करीब एक घंटा 39 मिनट का है, जिसे हिदी और तेलुगु भाषा में तैयार किया गया है। वह भले ही आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन हिदी में श्लोक गायन में कोई त्रुटि नहीं हुई है। सबसे ज्यादा अध्ययन श्लोक चयन के लिए करना पड़ा। उसके बाद नामचीन संगीतकारों ने इन्हें संगीत दिया।

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दिल्ली के आंध्र भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार दैनिक जागरण को बताया कि यह ऑडियो एलबम दुख एवं अवसाद को दूर करने तथा जीवन में सुख-शांति प्राप्त करने के लिए बनाया गया है। इसमें श्रीमद् भगवदगीता के चुनिंदा 108 श्लोक हैं, जो प्रेरणा, आत्म-नियंत्रण, व्यवहार, नेतृत्व, चरित्र निर्माण, आध्यात्मिकता और कर्तव्य पर आधारित हैं।

ये श्लोक जीवन के हर संदर्भ में सही रास्ते पर जाने के लिए लोगों को प्रभावित करेंगे। इन श्लोकों का मर्म समझकर प्रबंधन सिद्धांत और आध्यात्मिकता की अवधारणा से रूबरू हुआ जा सकता है। यह एलबम व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से युवा पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी है।

डॉ. मुरली कृष्णा ने बताया कि सभी श्लोकों का गायन उन्होंने ही किया है, जो शास्त्रीय संगीत पर आधारित है। यह ऑडियो एलबम करीब एक घंटा 39 मिनट का है, जिसे हिदी और तेलुगु भाषा में तैयार किया गया है। वह भले ही आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन हिदी में श्लोक गायन में कोई त्रुटि नहीं हुई है। सबसे ज्यादा अध्ययन श्लोक चयन के लिए करना पड़ा। उसके बाद नामचीन संगीतकारों ने इन्हें संगीत दिया।

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