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CM योगी आदित्यनाथ की दिल्ली में आरएसएस व भाजपा संगठन के साथ बैठक

उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में अब फेरबदल की उलटी गिनती शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आज दिल्ली में आरएसएस के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ भाजपा संगठन के साथ बैठक होगी। इसी कारण आज लखनऊ में कैबिनेट बैठक नहीं होगी। कैबिनेट बैठक अब कल होगी।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली में आज 12 बजे तक उदासीन आश्रम, झंडेवालान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री लखनऊ से सुबह दिल्ली रवाना हुए। प्रदेश के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चार एवं पांच जुलाई को संभावित लखनऊ यात्रा और देश में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संघ के साथ होने वाली इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार, आम चुनाव में पार्टी का एजेंडा, आगे की कार्ययोजना, सपा-बसपा के प्रस्तावित गठबंधन के खिलाफ पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के साथ हाल में ग्राम स्वराज अभियान से लेकर अन्य कार्यक्रमों के बारे में फीड बैक भी संघ के पदाधिकारी लेंगे।

शाम को उनको संघ, सरकार और संगठन की समन्वय बैठक में भाग लेना है। बैठक के बाद योगी आदित्यनाथ लखनऊ लौट आएंगे। मुख्यमंत्री का दिल्ली का यह कार्यक्रम अचानक बना है। इसके नाते आज को दिन में होने वाली कैबिनेट की बैठक टाल दी गयी। इसके पहले सीएम योगी आदित्यनाथ 17 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में शामिल होने दिल्ली गये थे।

दिल्ली में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आरएसएस व भाजपा संगठन के बीच समन्वय बैठक होने वाली है। इसमें यूपी मंत्रिमंडल में फेर बदल से लेकर संगठन में बदलाव पर चर्चा होगी। दिल्ली में आरएसएस के पदाधिकारियों ने भेंट करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ भी दोपहर बाद बैठक में शामिल होंगे। इसमें आरएसएस के दत्तात्रेय होसबोले और कृष्ण गोपाल मौजूद रहेंगे। भाजपा से संगठन मंत्री सुनील बंसल, सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश सिंह और प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में सबसे लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी पर बातचीत होगी। सभी छह क्षेत्रों के अध्यक्षों और मंत्रियों से रिपोर्ट कार्ड ली जायेगी। बूथ कमेटी से लेकर विस्तारकों के हर काम काज पर विस्तृत चर्चा होगी।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का चार व पांच जुलाई को उत्तर प्रदेश का दौरा है। इसमें एक दिन वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा दूसरे दिन पूर्वांचल में बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद 15 महीने पुरानी योगी आदित्यनाथ सरकार में फेर बदल हो सकता है। सरकार से कुछ मंत्रियों को हटाया जायेगा। कुछ नये चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। फेर बदल अगले लोकसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण दुरुस्त करने के हिसाब से होगी। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ठाकुर हैं। पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य पिछड़ी जाति से हैं जबकि दूसरे डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ब्राह्मण हैं। माना जा रहा है कि इस बार के बदलाव में दलितों और अति पिछड़ों को मंत्री बनाने पर जोर रहेगा। जिन मंत्रियों का काम काज अब तक ठीक नहीं रहा है उनकी छुट्टी हो सकती है। इस बार भी कोई बड़ा फेर बदल कर भाजपा आलाकमान नेताओं को नाराज करने के मूड में नहीं है।

चर्चा तो संगठन में भी बदलाव की है। इसी महीने तीन क्षेत्रीय संगठन मंत्री हटाए गए हैं। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर यूपी के प्रभारी हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने के साथ ही वह भी लखनऊ से दूर चले गए। भाजपा की किसी भी बैठक में ओम माथुर को नहीं बुलाया जाता है। केशव प्रसाद मौर्य के बाद महेन्द्र नाथ पांडे को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष तो बना दिया गया है लेकिन अब तक वह एक्शन में नहीं आ पाए हैं। सूबे में बसपा व समाजवादी पार्टी के हाथ मिला लेने से चुनौतियां बढ़ गई हैं। लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद से भाजपा के बड़े नेताओं को भी इस बात का एहसास है।  

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