
लखनऊ श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाओं की प्रगति और बजटीय उपयोग की समीक्षा के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 की एक महत्वपूर्ण बैठक सेवायोजन निदेशालय स्थित नवनिर्मित ‘संगम’ सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने की। बैठक से पूर्व मंत्री ने सेवायोजन विभाग की सेवामित्र व्यवस्था का अवलोकन करते हुए निदेशालय स्थित सेवामित्र हॉल का निरीक्षण किया और कॉल सेंटर के टॉल फ्री नंबर 155330 के माध्यम से सेवाओं की बुकिंग व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय तथा एएफसी इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इस समझौते का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न विदेशी भाषाओं का ज्ञान प्रदान कर उनके कौशल अंतर को दूर करना और उन्हें वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करना है।कार्यक्रम में ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश के युवाओं को अंग्रेजी, जर्मन, अरबी, जापानी और फ्रेंच भाषाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे विदेशों में रोजगार के लिए पात्र बन सकें। उन्होंने सरकार की इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।एएफसी इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि अवनेश कालिक ने बताया कि उनकी संस्था पिछले लगभग 58 वर्षों से कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। सेवायोजन विभाग के साथ मिलकर प्रदेश के सभी जनपदों में युवाओं के कौशल अंतर को दूर कर उन्हें रोजगार योग्य बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।बैठक के दौरान ऋचा फाउंडेशन और जेनपैक्ट के सहयोग से आयोजित ‘स्किल ब्रिज’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित छह अभ्यर्थियों को मंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर ऋचा फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निखिल पंत ने विभाग के सहयोग की सराहना करते हुए बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया तथा जेनपैक्ट के बिजनेस लीडर विनय कुमार शर्मा के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के गठन के बाद से विभाग द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि 17 जुलाई 2025 को रोजगार मिशन के गठन के बाद से लखनऊ में रोजगार महाकुंभ, नोएडा में इंडस्ट्री मीट, वाराणसी में काशी सांसद रोजगार महाकुंभ, इंडस्ट्री मोबिलिटी कॉन्क्लेव तथा भारत-यूरोप अवसर समन्वय पर राज्य स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। इन आयोजनों के माध्यम से देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों को प्रदेश से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाषा विश्वविद्यालय और एएफसी इंडिया लिमिटेड के साथ किया गया यह समझौता प्रदेश के युवाओं को देश और विदेश में रोजगार योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि जापान, जर्मनी और यूरोपीय देशों में भारतीय श्रमबल की मांग लगातार बढ़ रही है और प्रदेश के युवाओं को इन अवसरों के लिए तैयार करने हेतु भाषा प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में सेवायोजन विभाग के माध्यम से लगभग 6000 श्रमिक इजराइल में कार्य कर रहे हैं, जो आर्थिक स्वावलंबन का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। ये श्रमिक प्रति माह दो लाख रुपये से अधिक की बचत कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। भविष्य में जापान, जर्मनी सहित अन्य देशों की मांग के अनुरूप कुशल और प्रशिक्षित युवाओं को उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।कार्यक्रम के अंत में अपर निदेशक सेवायोजन पी.के. पुंडीर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही, निदेशक ईएसआई सौम्या पाण्डेय, सचिव बीओडब्ल्यू बोर्ड पूजा यादव, विशेष सचिव श्रम नीलेश कुमार सिंह सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



