
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि युवाओं की योग्यता को सम्मान देना तथा उसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना ही प्रदेश सरकार की कसौटी है, जिससे राज्य के युवा प्रगति के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ सके। प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से बिना भेदभाव योग्य युवाओं का चयन किया जा रहा है। आज जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है, उनमें प्रत्येक जाति, क्षेत्र, सम्प्रदाय तथा मजहब आदि से जुड़े अभ्यर्थी सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा विभाग के 371 लेखा परीक्षकों एवं स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के 129 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिये उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष श्री एस0एन0 साबत की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग में जिन 371 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उनमें 78 बेटियों और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग में चयनित कुल 129 अभ्यर्थियों में 25 बेटियों ने स्थान प्राप्त किया है। यह चीजें दिखाती हैं कि अब इस सेक्टर में भी बेटियों का अच्छा रूझान है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने तथा विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर योगदान देना है। प्रदेश सरकार जिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आपको नौकरी उपलब्ध करवा रही है, आपको भी अपने दायित्वों का निर्वहन उसी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करना है। प्रदेश सरकार विगत 09 वर्षां में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है। विगत एक माह में यह चौथा या पांचवा नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम है। यह अभियान अनवरत चलता रहेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के प्रति हमारी सरकार जीरो टॉलरेन्स की नीति के तहत कार्य कर रही है। यहीं नीति भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति भी है। युवाओं के मार्ग के बैरियर को हटाना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। हमारी सरकार ने इस जिम्मेदारी का निर्वहन कुशलतापूर्वक किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज यहां वित्त और संसदीय कार्य मंत्री जी ने अपने अनुभव पर आधारित जो बात कही है कि किसी लोभ लालच में आए बिना अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना आवश्यक है। व्यक्ति से महत्वपूर्ण संस्था होती है। एक व्यक्ति को बचाने के लिए हम ग्राम पंचायत या किसी अन्य स्थानीय निकाय के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, क्योंकि उससे हजारों-लाखों लोगों का हित जुड़ा होता है। यदि किसी व्यक्ति ने गलत किया है, तो उसके खिलाफ आपको लिखना चाहिए। यदि गलत नहीं किया है, तो किसी दबाव में उस कार्य को नकारात्मक रूप से रेखांकित नहीं करना चाहिए। आपको अपने सुझाव देने चाहिए कि अमुक कार्य कैसे ठीक हो सकता है। सही तथ्यों और ऑडिट की बड़ी भूमिका होती है। यह बेहतर वित्तीय प्रबन्धन को और अनुशासन को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में 03 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण प्रदेश में हुए निवेश से लाखों-करोड़ों युवाओं को रोजगार और नौकरी प्राप्त हुई है। अलग-अलग सेक्टर में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा रहा है। प्रदेश की बेटियां ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, बी0सी0 सखी तथा मिल्क प्रोड्यूसर के रूप में बेहतरीन काम कर रही हैं। युवाओं को प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप, प्रधानमंत्री स्टैण्ड-अप तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आदि योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम सभी को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए, जो व्यक्ति जिस क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यदि वह उसमें राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ कार्य करेगा, तो अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सभी ने बदलते हुए भारत के बदलते उत्तर प्रदेश को देखा है। प्रदेश में वर्ष 2017 से पूर्व तथा वर्ष 2017 के पश्चात का अन्तर स्पष्ट दिखायी दे रहा है। यह बदलाव प्रदेश के प्रत्येक सेक्टर में देखने को मिल रहा है। राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने प्रदेश में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन और वित्तीय अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिस प्रदेश को वर्ष 2017 से पूर्व कोई बैंक ऋण देने को तैयार नहीं था, आज वह प्रदेश देश का रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश का नाम देश के टॉप थ्री राज्यों में आता है।
प्रदेश में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन व अनुशासन का परिणाम है कि यहाँ लगभग 600 किलोमीटर लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट के निर्माण के लिये किसी बैंक से ऋण नहीं लेना पड़ा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आयी है। एक्सप्रेस-वे पर 09 इण्डस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित करने के लिये लगभग 07 हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था की गयी है। एक्सप्रेस-वे पर इन सभी कार्यों की सम्मिलित लागत 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के ऋण को कम करने में सफलता प्राप्त की है। राज्य में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन व अनुशासन के लिए वित्त विभाग की टीम, स्थानीय लेखा और पंचायत लेखा परीक्षकों की सराहनीय भूमिका रही है। परिणामस्वरूप, हमें उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तथा प्रदेश के बजट को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुयी है। अब उत्तर प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति निवेश करना चाहता है। वित्तीय प्रबन्धन और अनुशासन के अभाव में यह सभी कार्य असम्भव थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व एक्साइज से प्रदेश को 12 हजार करोड़ रुपये रेवेन्यू प्राप्त होता था। आज यह राशि बढ़कर 62-63 हजार करोड़ रुपये हो चुकी है। वित्तीय प्रबन्धन और अनुशासन में आप सभी नव चयनित अभ्यर्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
नगर पालिका व नगर निगम की आय में वृद्धि व उनके वित्तीय प्रबन्धन में आप सकारात्मक सहयोग दे सकते हैं। वित्तीय प्रबन्धन व अनुशासन का अभाव तथा धन के बर्हिगमन का दुष्परिणाम स्थानीय निकायों को भुगतना पड़ता है। यह सभी स्थानीय निकाय प्रदेश की नींव का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों के समक्ष वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत 140 करोड़ भारतीयों के सपने का भारत होगा, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली व युवा के हाथ काम हो तथा किसान अपनी लहलहाती हुई फसलों को देखकर झूमता हुआ दिखाई दे। प्रत्येक बेटी व बहन को सुरक्षा के साथ-साथ स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर किया जा सके। प्रत्येक कारीगर अपनी कारीगरी पर गौरव की अनुभूति कर सके। विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत सबसे छोटी इकाई ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर निगम, क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत से करनी होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम विकसित उत्तर प्रदेश की बात करें और अपने गांव व नगर की बात न करें तो, यह सपना पूरा नहीं हो पाएगा। वित्तीय प्रबन्धन व अनुशासन अपनाकर इन इकाइयों को आत्मनिर्भर व स्मार्ट बनाने तथा उनके इन्टरनल ऑडिट में आपकी बड़ी भूमिका हो सकती है। यदि आय और व्यय में सन्तुलन जैसी युक्तियां आप बेहतर तरीके से बताएंगे, तो विकसित और आत्मनिर्भर भारत मजबूत नींव पर खड़ा हो सकेगा। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना आगे बढ़ाने में कोई समस्या नहीं आएगी। यहीं आपका कार्य और दायित्व है तथा इसी पर आधारित आपको ट्रेनिंग दी जाएगी।
कार्यक्रम को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री दीपक कुमार, सचिव वित्त श्रीमती संदीप कौर, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष श्री एस0एन0 साबत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



