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कौशल, उद्योग और रोजगार की त्रिवेणी से 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को विधानसभा कार्यालय में विभागीय अधिकारियों एवं डेलॉयट के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में कौशल विकास, उद्योग एवं रोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और औद्योगिक साझेदारियों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास, उद्योग और रोजगार 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ हैं। इन तीनों क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश की युवा शक्ति को आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा सकता है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को केवल प्रशिक्षण प्रदान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण को उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए मांग आधारित पाठ्यक्रम, आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ सीधा समन्वय विकसित किया जा रहा है।
बैठक में कौशल कनेक्ट सेल, उद्यम मेला, मानक संचालन प्रक्रिया, इंडस्ट्री विजिट, टाटा टेक्नोलॉजीज की आईटीआई उन्नयन परियोजना, राज्य इंटर्नशिप योजना एवं सीआईआईआईटी से जुड़े कार्यों एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री जी ने निर्देशित किया कि इन पहलों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए युवाओं को प्रशिक्षण से इंटर्नशिप, इंटर्नशिप से रोजगार तथा रोजगार से उद्यमिता तक जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।
बैठक में जिला स्तरीय उद्योग समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता एवं रोजगार की संभावनाओं का आकलन कर उसके अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। इसके साथ ही इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फर्नीचर एवं फिटिंग्स स्किल काउंसिल तथा जीटीटी फाउंडेशन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने टाटा टेक्नोलॉजीज की आईटीआई उन्नयन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से आईटीआई को युवाओं के लिए अत्याधुनिक कौशल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीआईआईआईटी जैसी पहल उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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