एसडीएम नेहा मिश्रा का ट्रांसफर होते ही करनैलगंज क्षेत्र में खुलेआम होने लगा अवैध मिट्टी खनन

गोण्डा। एसडीएम नेहा मिश्रा का ट्रांसफर होते ही तहसील करनैलगंज क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन माफिया का आतंक चरम पर हो गया है। खनन माफिया द्वारा बेखौफ होकर दिन-रात जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धरती का सीना छलनी किया जा रहा है, लेकिन खनन विभाग और प्रशासन की आंखें बंद हैं। यहां के कर्नलगंज, कादीपुर, बबुरास, शीशामऊ, कंजेमऊ, कुर्था, गज्जू पुरवा, सकरौरा, पिपरी, नरायनपुर मांझा, दत्तनगर, सोनवारा, हटही, खिंदूरी, बरांव, उमरिया, पहाड़ापुर, कटरा बाजार, कोंचा कासिमपुर, कस्तूरी, चौरी, हलधरमऊ, राजपुर, मैजापुर, बटौरा बख्तावर, बालपुर सहित दो दर्जन से अधिक स्थानों पर खुलेआम दिन-रात जेसीबी, डंपर से अवैध मिट्टी खनन करके ट्रैक्टर-ट्रालियों से ढुलाई की जा रही है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ा खुलासा ये है कि ये सारा खनन बिना किसी परमिट के हो रहा है। माफिया कृषि भूमि को जेसीबी से खोदकर मिट्टी निकाल रहे हैं और उसे महंगे दामों पर बेच रहे हैं। मिट्टी की ढुलाई भी सरकारी सड़कों से होकर चौक चौराहों से धड़ल्ले से हो रही है, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई गांवों में कृषि भूमि से लगातार मिट्टी निकाली जा रही है। इससे खेत बंजर हो रहे हैं और सड़कें टूट रही हैं तथा सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा है व आसपास के इलाकों पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात ये कि खनन कार्य पूरी तरह खुलेआम हो रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारियो द्वारा सघन अभियान चलाकर छापेमारी कर ठोस व सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।सूत्रों की मानें तो इस अवैध कारोबार को स्थानीय पुलिस, राजस्व और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदार लोगों का संरक्षण प्राप्त है। हर महीने मोटी रकम पहुंचने के कारण माफिया बेखौफ हैं और सरकारी राजस्व को लाखों का नुकसान पहुंचा रहे हैं।



