इटियाथोक में कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से डेढ़ साल के मासूम की मौत का आरोप

इटियाथोक, गोंडा। थाना क्षेत्र के बेलवा बहुता गांव में एक निजी क्लीनिक संचालक पर लापरवाही से इलाज करने के कारण डेढ़ साल के बच्चे की मौत का आरोप लगा है।जानकारी के अनुसार, ग्राम बेलवा बहुता के लोहारन पुरवा निवासी मायाराम सोनकर के डेढ़ वर्षीय पुत्र को सर्दी, जुकाम और बुखार था। परिजन 5 सितंबर को उसे इलाज के लिए गोंडा ले जा रहे थे। रास्ते में बेलवा बहुता सरयू नहर के पास क्लीनिक चला रहे एक निजी चिकित्सक ने उन्हें रोक लिया और अपने यहां इलाज का भरोसा दिलाया।परिजनों का आरोप है कि करीब 4 से 5 घंटे तक क्लीनिक पर ही दवा दी गई, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों द्वारा गोंडा ले जाने की बात कहने पर चिकित्सक ने यह कहकर रोक दिया कि दवा धीरे-धीरे असर करेगी। शाम करीब 7 बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर चिकित्सक ने ही बच्चे को गोंडा ले जाने की सलाह दी। गोंडा ले जाते समय रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि मौत की सूचना देने पर क्लीनिक संचालक और उसके बेटे ने उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी।मामले की सूचना डायल 112 और इटियाथोक थाने को दी गई है। पीड़ित ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील पासवान ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है, जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं थानाध्यक्ष गौरव तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों में संक्रमण से मौत की बात सामने आई है। तहरीर मिली है, मामले की जांच की जा रही है।



