उत्तर प्रदेशप्रदेश

बड़ा खुलासा: यूपी एटीएस के एडिशनल SP राजेश साहनी ने ऑफिस में ही खुद को गोली से उड़ाया

यूपी एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश साहनी ने मंगलवार को अपनी सर्विस पिस्टल से दाईं कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। वे सोमवार से 10 दिन के अवकाश पर थे, लेकिन सोमवार और फिर मंगलवार को ऑफिस बुलाया गया था।

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वे दोपहर 12 बजे दफ्तर पहुंचे और 12.45 से एक बजे के बीच आत्महत्या कर ली। साहनी 1992 बैच के प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे और मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले थे। वर्तमान में वे पिथौरागढ़ से पकड़े गए आईएसआई एजेंट रमेश सिंह के मामले की तफ्तीश कर रहे थे।

साहनी गोमतीनगर स्थित एटीएस कार्यालय पहुंचे और ऑपरेशन के लिए जाने की बात कहकर ड्राइवर मनोज से शस्त्रागार से पिस्टल मंगवाई। पिस्टल देकर मनोज गाड़ी में तेल भरवाने चला गया। उसके जाते ही साहनी ने अंदर से दरवाजा बंद किया और खुद को गोली मार ली।

काम का दबाव या घरेलू कलह तो नहीं, पुलिस कर रही जांच
पुलिस इस बात का जांच कर रही है कि साहनी ने आत्महत्या किसी घरेलू कलह की वजह से या फिर काम के दबाव में तो नहीं लिया? क्या उन पर किसी जांच को लेकर कोई दबाव था? सूत्रों की माने तो छुट्टी दिए जाने के बावजूद एटीएस के अफसरों के पहले सोमवार फिर मंगलवार को ऑफिस बुलाने से वे खिन्न थे। साहनी मंगलवार को परिवार के साथ मुंबई जाने वाले थे। फिरलहाल साहनी के रूम को सील कर दिया गया है। उनके लैपटाप और मोबाइल को कब्जे में लेकर पड़ताल की जा रही है।

तेजतर्रार अफसर थे साहनी

– साहनी ने लखनऊ में आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल को ध्वस्त कर सैफुल्लाह के एनकाउंटर में प्रमुख भूमिका निभाई थी।

– देश में सिमबॉक्स के जरिए अवैध एक्सचेंज का खुलासा साहनी ने ही किया था।

पत्नी को नहीं हो रहा यकीन
साहनी की मौत की खबर पाकर उनके परिवार वाले भी रोत-बिलखते एटीएस मुख्यालय पहुंचे। पत्नी को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनके बहादुर पति ने ये आत्मघाती कदम उठाया। वहीं, बच्चे भी पापा की मौत से सदमे में हैं।

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