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उपराष्ट्रपति एवं उ0प्र0 के मुख्यमंत्री ने राम की पैड़ी, अयोध्या में दीप प्रज्वलित किया

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी0पी0 राधाकृष्णन जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज राम की पैड़ी, अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के अवसर पर दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ सरयू जी की आरती एवं पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी भी उपस्थित रहीं।
उपराष्ट्रपति जी ने समस्त देशवासियों और अयोध्यावासियों को छोटी दीपावली तथा मुख्य दीपावली महापर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि अनगिनत रामभक्तों के बलिदान व त्याग के परिणामस्वरूप ही आज हम सब यहाँ एकत्रित होकर अपनी आँखों के सामने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर उनका भव्य और दिव्य मन्दिर साकार होते देख पा रहे हैं। यह पावन उपलब्धि अभूतपूर्व जनभागीदारी और हमारी सामूहिक सनातन आस्था के पुनर्जागरण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वर्ष 2017 में जिस दीपोत्सव का शुभारम्भ 1.71 लाख दीपों के प्रज्वलन से हुआ था, वहाँ वर्ष 2025 में 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित कर ‘गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉंर्ड’ में दर्ज हुआ। आज 10वें दीपोत्सव में राम की पैड़ी पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए हैं। पूरे अयोध्या धाम क्षेत्र में 70 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित अत्याधुनिक 2,100 से अधिक स्वदेषी ड्रोन के भव्य शो तथा 1,000 स्थानीय व विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा रामायणकालीन प्रसंगों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की।
आज भारत और उत्तर प्रदेश विकास व समृद्धि के जिस स्वर्णिम पथ पर अग्रसर हैं, उस राष्ट्रीय चेतना के मूल में श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन की असीम ऊर्जा विद्यमान है। विष्व बैंक के सर्वेक्षण के अनुसार भारत अब अत्यधिक गरीबी के दलदल से सफलतापूर्वक बाहर निकल चुका है। देश में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या घटकर मात्र 2.5 प्रतिशत रह गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में विगत वर्षों में 50 करोड़ से अधिक देशवासियों को घोर गरीबी से मुक्ति मिली है। देश के निर्धनों और वंचितों के लिए 04 करोड़ पक्के आवासों का निर्माण कराया गया है। ’जल जीवन मिशन’ के माध्यम से देश व प्रदेश के 82 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में ’मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ से बालिकाओं की शिक्षा व सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। ’उत्तर प्रदेश सेवायोजन पोर्टल’ के माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सुलभ कराए जा रहे हैं। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आवास और उद्यमशीलता के क्षेत्र में महिला-नेतृत्व वाले विकास पर दिया जा रहा विशेष बल सिद्ध करता है कि डबल इंजन सरकार ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विष्वास, सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश, देश के सबसे तेजी से आर्थिक प्रगति करने वाले राज्यों में अग्रणी बन चुका है। मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपने निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2029 से पूर्व ही ’01 ट्रिलियन डॉलर’ की विशाल अर्थव्यवस्था बनने का गौरव हासिल कर लेगा।
प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन और सफलता के साथ समाज सेवा सर्वोपरि होनी चाहिए। वर्ष 2047 तक भारत को ’विकसित भारत’ बनाने के लिए हमें आधुनिक विज्ञान, नवाचार और तकनीक को पूरी तत्परता से अपनाना होगा। साथ ही, अपनी मातृभूमि की सांस्कृतिक जड़ों, भाषाओं, नैतिक मूल्यों और महान परम्पराओं से भी दृढ़तापूर्वक जुड़े रहना होगा। अयोध्या धाम में प्रज्वलित यह दीपमालिका सम्पूर्ण विष्व को स्पष्ट संदेश दे रही है कि उत्तर प्रदेश अब वास्तविक अर्थों में ’उत्तम प्रदेश’ बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वर्ष 2017 के प्रथम दीपोत्सव का स्मरण करते हुए कहा कि जब यह आयोजन प्रारम्भ किया गया था, तब संशय व्यक्त किया जाता था कि क्या अयोध्या में दीपोत्सव होगा। अयोध्या ने ही पूरी दुनिया को दीपावली और दीपोत्सव का महापर्व दिया है, इसलिए इसका यहीं से पुनर्जागरण होना स्वाभाविक था। उस समय जब जनमानस ‘रामलला हम आएंगे, मन्दिर वहीं बनाएंगे’ के नारे लगाता था, तो हमने आष्वस्त किया था कि हमारा संकल्प अवश्य पूरा होगा। रामभक्तों का संकल्प था ‘लाठी-गोली खाएंगे, रामलला हम आएंगे’। आज लोकतंत्र में जनता के मत की शक्ति ने सिद्ध कर दिया कि जनता अपने वोट के माध्यम से किसी शहर, प्रदेश और देश की तकदीर बदल सकती है। आज अयोध्या में श्रीरामलला अपने भव्य मन्दिर में विराजमान हैं, जो सिद्ध करता कि लोकतंत्र में नागरिक के एक-एक वोट की कीमत क्या होती है और कैसे जनता का वोट किसी शहर, प्रदेश और देश की तकदीर बदल सकता है।
विगत 12 वर्षों में 140 करोड़ भारतवासियों ने बदलते हुए ‘नए भारत’ को प्रत्यक्ष देखा है। जिसे पूर्व में अविष्वास, अराजकता, आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार का पर्याय बना दिया गया था, आज वही नया भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गौरव की अनुभूति करते हुए बिना भेदभाव विकास योजनाओं को हर नागरिक तक पहुँचा रहा है। नया भारत आतंकवाद को नेस्तनाबूद और नक्सलवाद को दफन करता है तथा अराजकता के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ता है।
नया भारत आतंकवाद का समूल उन्मूलन करने, नक्सलवाद को समाप्त करने और अराजकता के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विरासत, विकास और लोककल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने का प्रयास हो रहा है। एक ओर देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कोप भवन में बैठी मंथरा और मारीच जैसी ताकतें इस व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए फिर से नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता पैदा करने की साजिशें रच रही हैं। ऐसी ताकतों को देश की एकता, अखण्डता और विकास के मार्ग में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपोत्सव केवल दीप प्रज्वलन का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, प्रभु श्रीराम के आदर्शों और नए भारत की सामर्थ्य का प्रतीक है। अयोध्या में प्रज्वलित लाखों दीप उत्तर प्रदेश के गाँव-गाँव तक सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का संदेश पहुँचा रहे हैं।
यह दीपोत्सव राम भक्तों के लिए एक संदेश है कि चुनौती कितनी भी कठिन क्यों ना हो, सामने कितना भी बड़ा उफनता हुआ सागर क्यों न हो, लेकिन जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, जनता-जनार्दन के प्रति प्रतिबद्धता में एक सत् संकल्प छुपा हो, तो दुनिया की कोई ताकत ‘धर्ममेव जयते’ और ‘सत्यमेव जयते’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में देर नहीं लगा सकती।
आज अयोध्या की राम की पैड़ी पर लाखों दीप जगमगा रहे हैं, लेकिन इसी सरयू नदी का जल 36 वर्ष पूर्व रामभक्तों के रक्त से रक्तरंजित हुआ था। अयोध्या की गलियों में जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़े किए और राम मन्दिर निर्माण में बाधाएँ उत्पन्न कीं, वे आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जो लोग कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जिन्होंने जय श्रीराम के उद्घोष को प्रतिबन्धित करने का प्रयास किया, वे आज श्रीराम मन्दिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं। ऐसे लोगों को अपने पुराने कृत्यों के लिए रामभक्तों, कारसेवकों और पूज्य संतों से सार्वजनिक रूप से क्षमा माँगनी चाहिए तथा पश्चाताप करना चाहिए।
प्रभु श्रीराम करुणानिधान और भक्तवत्सल हैं। वह सभी पर समान रूप से कृपा बरसाते हैं, लेकिन रामभक्ति के लिए मन में सहजता, सरलता और श्रद्धा का भाव होना आवश्यक है। आज अयोध्या की भव्य सजावट और दीपों की अलौकिक आभा त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति को जीवंत करने वाला यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उपराष्ट्रपति जी द्वारा सरयू मैया की आरती किए जाने से समूचा वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक ग्रंथों में वर्णित रामराज्य की अवधारणा आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में धरातल पर साकार होती दिखायी दे रही है। जब गरीब को निःशुल्क खाद्यान्न मिलता है, नौजवान को रोजगार प्राप्त होता है, अन्नदाता किसान के परिश्रम का सम्मान होता है, श्रमिक को उचित मानदेय मिलता है और नारी को सुरक्षा का वातावरण प्राप्त होता है, तब रामराज्य की परिकल्पना साकार होती है। रामराज्य का अर्थ ऐसा शासन है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा, न्याय और समृद्धि के अवसर उपलब्ध हों।
10 वर्ष पूर्व क्या किसी ने कल्पना की थी कि अयोध्या में इतना भव्य और दिव्य दीपोत्सव आयोजित होगा। क्या उत्तर प्रदेश में इस प्रकार का उत्सव और उल्लास सम्भव था। क्या कोई कल्पना कर सकता था कि देर रात भी बेटियाँ और बहनें बिना भय के सड़कों पर निकलकर अपने घर पहुँच सकेंगी। यही अन्तर है। रामभक्तों की सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का वातावरण स्थापित किया है। अब अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगा सकता और न ही किसी नागरिक के पूजा-पाठ के अधिकार का अपहरण किया जा सकता है। प्रदेश में दंगा करने का दुस्साहस करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को रावण जैसी दुर्गति भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक समय अयोध्या बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी। यहाँ बिजली की उपलब्धता सीमित थी, सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं थी और गलियाँ अत्यन्त सँकरी थीं। रामलला टेण्ट में विराजमान थे और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर तक सँकरी तारबाड़ से होकर गुजरना पड़ता था। आज अयोध्या में व्यापक परिवर्तन हुआ है। राम मन्दिर तक पहुँचने के लिए चौड़ी सड़कों और बेहतर यातायात सुविधाओं का विकास किया गया है। देश-दुनिया से अयोध्या को जोड़ने के लिए महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुविधा उपलब्ध है। धर्म पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ का विकास किया गया है। अयोध्या रेलवे स्टेशन को दोहरी रेल लाइन से जोड़ा गया है तथा वन्दे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का संचालन हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या आज स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में अपनी नयी पहचान स्थापित कर रही है। आधुनिक अवस्थापना सुविधाओं और विकास कार्यों के माध्यम से अयोध्या त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करते हुए देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। अयोध्या से निकलने वाला प्रकाश केवल दीपोत्सव की शोभा नहीं बढ़ा रहा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का संदेश पहुँचा रहा है।
गरीब, वंचित, दलित और समाज के प्रत्येक वर्ग को नए भारत की विकास यात्रा में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को एकजुट होकर प्राण-प्रण से कार्य करना होगा। श्रीराम का जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, समरसता, करुणा और सबके कल्याण की प्रेरणा देता है।
पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और लूट के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी। जैसे-जैसे दीपोत्सव में दीपों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि भी बढ़ती गई। वर्तमान सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये से आज उत्तर प्रदेश की समृद्धि को 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचा दिया है। आज 36 लाख दीपक अयोध्या धाम में जलते हुए दिखायी दे रहे हैं। यह उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के प्रतीक भी है। अयोध्या में प्रज्वलित दीपकों से निकला हुआ प्रकाष उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उसी क्रमिक गति से आगे बढ़ाता हुआ दिखायी दे रहा है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेष की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ती हुई दिखायी दे रही है। उत्तर प्रदेश के बजट का आकार भी आज भारत में किसी भी राज्य के बजट की तुलना में अधिक है। यह उत्तर प्रदेश ने 09 वर्षों में करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शकों ने भगवान श्रीराम के पुष्पक विमान के दृश्य को अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से देखा। यह तकनीक और परम्परा के समन्वय का उदाहरण है। उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए निरन्तर आगे बढ़ रहा है। दीपोत्सव का 10वाँ संस्करण इस बात का प्रमाण है कि जनसहभागिता, सांस्कृतिक चेतना और सरकार के संकल्प से किसी भी आयोजन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
दीपोत्सव-2026 के अवसर पर राम की पैड़ी पर 3-डी प्रोजेक्षन मैपिंग एवं रामायण आधारित भव्य लेजर-शो तथा ड्रोन शो का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिव्य व नयनाभिराम म्यूजिकल आतिषबाजी शो का भी लोगों ने आनन्द उठाया।
इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री जी ने रामकथा पार्क में 10वें दीपोत्सव के तहत आयोजित श्रीरामलीला की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। इस दौरान विभिन्न देशों तथा विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों द्वारा श्रीरामलीला का मंचन किया गया।

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