मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रमाण पत्र आदि का वितरण किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज दीपावली के अवसर पर आज जनपद गोरखपुर के वनटांगिया ग्राम जंगल तिकोनिया नम्बर-3 में जनपद के विभिन्न विकास परियोजनाओं के 82 करोड़ रुपये की लागत से 52 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रमाण पत्र वितरण किया।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव एवं दीपावली के भव्य आयोजन के बाद वे वनटांगिया गांव के लोगों के साथ दीपावली का पर्व मनाने आया हूं। पर्व और त्यौहारों का वास्तविक अर्थ अपनी खुशियों को दूसरों के साथ साझा करना है। दीपावली हमें आपसी प्रेम, सहयोग, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता का संदेश देती है। सभी लोग इस पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद जब अयोध्या लौटे थे, तब पूरे देश ने दीप जलाकर दीपावली का उत्सव मनाया था। भगवान श्रीराम का वनवास 14 वर्षों का था, लेकिन वनटांगिया गांवों के वासियों और उनके पूर्वजों को, अंग्रेजों के शासनकाल से एक सदी से अधिक समय तक उपेक्षा और अभाव का जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ा। उत्तर प्रदेश में कुल 56 वनटांगिया गांव थे, जिनका लंबे समय तक किसी ने सुध नहीं ली। वर्ष 1947 में देश आजाद हो गया, लेकिन इन वनवासी गांवों के लोगों को वास्तविक आजादी और बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया। इन गांवों के लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, राशन कार्ड, विद्यालय और चिकित्सालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। यहां के लोगों को वर्षों तक अनेक कठिनाइयों और उपेक्षाओं का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा आज सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही है और समाधान सुनिश्चित कर रही है। लेकिन वर्ष 2017 के बाद वनटांगिया गांवों के जीवन में आए बदलाव और विकास की रोशनी दीपावली के वास्तविक संदेश को साकार कर रही है। पहले की सरकारें जनता की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए गंभीर नहीं थीं, जबकि आज सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही है। पहले बिजली नही आती थी जिससे बच्चों के पढ़ाई करने में बाधा आती थी और वह ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करते थे। आज गांवों में बिजली की सुविधा उपलब्ध है और बच्चें अपना उज्जवल भविष्य साकार कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा सड़कों के निर्माण तथा सभी बस्तियों में सोलर लाइट की व्यवस्था की गयी है। सरकार ने गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल की बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है तब वह जनता को अच्छी सुविधाएं और बेहतर जीवन देने का काम करती है। डबल इंजन की सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित, गांवों के विकास और प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने के प्रति निरन्तर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले वनटांगिया गांवों में न पेंशन की सुविधा थी, न लोगों के पास मकान थे और न ही एक भी पक्का घर था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज हम पूरे दावे के साथ कह सकते हैं कि जंगल वनटांगिया गांवों में जंगल में मंगल है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं वर्ष 2007-08 से लगातार इन गांवों में आ रहे हैं। पिछले लगभग 19-20 वर्षों से यहां के लोगों के बीच आकर उनकी समस्याओं और परिस्थितियों को करीब से देखने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पिछले दस वर्षों से अयोध्या में दीपोत्सव के उपरांत अपनी दीपावली वनटांगिया गांव के लोगों के साथ मना रहा हूं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों में न पक्की सड़कें, न विद्यालय, न बिजली और न पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध थी। उस समय इन सभी सवालों का जवाब ना में मिलता था, लेकिन आज इन सभी सवालों का जवाब हां में मिलता है। आज गांवों में पक्की सड़कें हैं, लोगों के पास राशन कार्ड हैं, पक्के मकान हैं, विद्यालय हैं और पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वनटांगिया गांवों में रहने वाले अधिकांश लोग अति पिछड़ी जातियों, वंचित वर्गों एवं दलित परिवारों से जुड़े हुए हैं। इन परिवारों को वर्ष 2017 से पहले भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती थीं, लेकिन इसके लिए सरकार की इच्छाशक्ति, समय और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक थी। वर्ष 2017 से पहले की स्थिति और आज की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। वर्तमान सरकार ने वनटांगिया गांवों में 770 आवासों का निर्माण कराया है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का निर्माण, पक्की सड़कों का निर्माण, बिजली की व्यवस्था, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आज इन गांवों के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपावली का पर्व भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास की समाप्ति के बाद अयोध्या आगमन और रामराज्य की स्थापना की खुशी में मनाया जाता है। आज वही रामराज्य की खुशहाली वनटांगिया गांवों में भी दिखाई दे रही है। इसी खुशी को साझा करने और यहां के लोगों के साथ दीपावली मनाने के लिए प्रतिवर्ष उनके बीच आते हैं। उन्होंने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात वनटांगिया गांवों को देने के लिए आज पुनः उनके बीच उपस्थित होने का अवसर मिला है। यदि सरकार के पास कार्य करने की इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व में उ0प्र0 में विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का नया अध्याय शुरू हुआ है। आज अयोध्या में चैड़ी सड़कें बन रही हैं, बिजली की बेहतर व्यवस्था है, एयरपोर्ट का निर्माण तथा रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है और नई रेल लाइनों का विकास किया जा रहा है। प्रदेश की जनता को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रदेश की जनता एकजुट होकर विकास, सुशासन और सांस्कृतिक गौरव की इस यात्रा को आगे बढ़ाने में अपना सकारात्मक सहयोग दे रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वनटांगिया गांवों के विकास और लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से कुछ लोगों के सामने अपनी पहचान का संकट खड़ा हो रहा है। इसी कारण वे दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। दीपावली के अवसर पर यहां उपस्थित होकर वह सभी से यही आग्रह करना चाहते हैं कि अपने इतिहास और संघर्ष को हमेशा संजोकर रखें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वनटांगिया परिवारों के लिए जो कार्य किए हैं, वे उनके प्रति सरकार के दायित्व का हिस्सा हैं। सरकार ने इन परिवारों को अपना मानते हुए उनके हितों के संरक्षण, जीवन स्तर में सुधार और खुशहाली लाने के लिए कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से इन परिवारों को जोड़कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों के लोगों को अपने पूर्वजों के संघर्ष, उनके सामने रही कठिन परिस्थितियों और आजादी के बाद भी लगभग सात दशकों तक सरकारी योजनाओं एवं लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहने के इतिहास को याद रखना चाहिए। वर्ष 2017 के बाद इन गांवों को राजस्व गांव के रूप में मान्यता प्रदान कर विभिन्न सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से आच्छादित करने का कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीणों से अपील की कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रमाणपत्रों को अपने घरों में सुरक्षित रखें और प्रदर्शित करें। अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को बताएं कि किस प्रकार उन्हें आवास, जमीन, बिजली और अन्य सुविधाएं प्राप्त हुईं तथा किस तरह उनके गांवों को राजस्व गांव का दर्जा मिलने के बाद विकास की नई राह मिली। वर्तमान सरकार ने उन्हें अधिकारों और सम्मान के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार ने इन लोगों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखा, बल्कि भगवान श्रीराम के भक्त होने के नाते प्रत्येक वनवासी, ग्रामवासी, वंचित और दलित परिवार को अपना परिवार माना है। उन्हें रामकाज में सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा कि रामकाज का अर्थ राष्ट्र का कार्य है और इसी भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने सामाजिक बुराइयों के प्रति लोगों को सचेत करते हुए कहा कि दीपावली खुशियां बांटने और परिवार के साथ उत्सव मनाने का पर्व है, न कि जुआ खेलने का अवसर। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं एवं ग्रामीणों से नशे और जुएं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के विनाश का कारण बनता है और जुआ व्यक्ति को गुलाम बना देता है। इन दोनों बुराइयों के कारण हंसता-खेलता परिवार बिखर जाता है। इसलिए सभी को इनसे दूरी बनाए रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार माफिया उन्मूलन के बाद अब नशे के सौदागरों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई कर रही है। जो लोग नशे के कारोबार के माध्यम से दूसरों का जीवन बर्बाद करते हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर ऐसा करने की छूट नहीं दी जाएगी। सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंनेे युवाओं से अपील की कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने भविष्य को संवारें। डबल इंजन सरकार युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अन्नदाता किसानों से उन्होंने अच्छी उपज पैदा करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही उन्हें खाद्य प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन से जोड़ने का कार्य करेगी, जिससे उनकी उपज का मूल्य कई गुना बढ़ सके और उनकी आय में वृद्धि हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नौजवानों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। सरकार इन अवसरों से युवाओं को जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और उनके विकास एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रजही से जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन होते हुए गोरखपुर-पिपराइच मार्ग तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर इंटरलॉकिंग का कार्य हेतु लगभग तीन करोड़ 65 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को सांसद श्री रवि किशन शुक्ल ने सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



