
स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित तथा दीपावली का उपहार भी भेंट किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अयोध्या में निषाद बस्ती में दीपावली मिलन कार्यक्रम दीपोत्सव श्री अयोध्या धाम-2026 में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया तथा दीपावली का उपहार भी भेंट किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपावली का उपहार प्रभु श्रीराम के उन सहयोगियों और मित्रों की विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के अभियान का हिस्सा है, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी भावना के साथ आज अयोध्या धाम में निषाद परिवारों, दलित परिवारों, सफाई कर्मियों, नाविकों, पार्षदों तथा अयोध्या की सुंदरता, स्वच्छता और सुव्यवस्था में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को सम्मानित करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ। इसी आयोजन के प्रति आभार व्यक्त करने और इसमें योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देने के लिए वह स्वयं उनके बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा नगर सुंदर, स्वच्छ और व्यवस्थित होगा और अयोध्या का कोई नागरिक देश-दुनिया में कहीं जाएगा और स्वयं को अयोध्या का निवासी बताएगा, तो सामने वाला व्यक्ति भी उसका सम्मान करेगा। इसके विपरीत यदि हमारा शहर या गाँव गंदा और अव्यवस्थित होगा तो उसकी छवि भी उसी प्रकार बनेगी। इसलिए अपने नगर और गाँव की स्वच्छता एवं व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल दीपोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचे थे। देश-दुनिया के साथ ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। 30 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित किए गए और देर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसके बावजूद उन्होंने सुबह बाहर निकलकर देखा तो सभी घाट स्वच्छ एवं सुंदर थे। कहीं भी गंदगी, अव्यवस्था अथवा अराजकता दिखाई नहीं थी। सड़कों पर युवाओं के समूह हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन के लिए जाते दिखाई दे रहे थे। यह अपने आप में अद्भुत और सराहनीय कार्य है।
मुख्यमंत्री जी ने दीपोत्सव के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सफाई कर्मियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी व्यवस्था को अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संभाला। सभी सफाई कर्मियों ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, उसके लिए वे हृदय से बधाई के पात्र हैं। उन्होंने सरयू आरती के दौरान नाविकों की मुस्तैदी और समर्पण की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या एक पवित्र धाम है। प्रत्येक शनिवार, रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा तथा महत्वपूर्ण पर्वों और त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। मां सरयू के पावन सानिध्य में स्नान कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसे अवसरों पर नाविकों, मांझियों और निषाद समाज के लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए वे पूरी मुस्तैदी से अपना योगदान देते हैं। उनका यह योगदान अभिनंदनीय है। इसी योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए आज उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का नाम आज देश और दुनिया में अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। अयोध्या के निवासी होना अपने आप में गौरव की बात है। भगवान श्रीराम ने भी अपने जीवन में निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर अधर्म के विरुद्ध संघर्ष किया था। सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से ही विजय प्राप्त हुई। यही सामाजिक समरसता, सहयोग और एकजुटता की हमारी महान विरासत है।
उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या वापस लौटे तो उनके स्वागत में पूरे भारतवर्ष में दीप प्रज्वलित किए गए। हजारों वर्ष पहले घटित इस ऐतिहासिक प्रसंग को हमारे ऋषियों, पूर्वजों और संतों ने पर्व एवं त्योहारों के माध्यम से आज भी जीवंत बनाए रखा है। दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या का झूला मेला जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्मृतियों को निरंतर जीवंत रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की अयोध्या को देखकर प्रत्येक व्यक्ति उत्साहित और गौरवान्वित होता है। सरकार निर्माण कार्य करा सकती है, लेकिन निर्मित व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखना और उनका संरक्षण करना स्थानीय नागरिकों की जिम्मेदारी है। यदि सरकार किसी स्थान पर निर्माण कराए और अगले ही दिन कोई व्यक्ति वहां से पत्थर उखाड़कर ले जाए तो विकास कार्यों का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इसलिए अयोध्या को सुंदर बनाने के साथ-साथ उसकी सुंदरता और गरिमा को बनाए रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या त्रेतायुग की स्मृति को जीवंत करती हुई दिखाई दे रही है। इसका श्रेय यहां के नागरिकों, सफाई कर्मियों, नाविकों, निषाद समाज, पार्षदों और उन सभी लोगों को जाता है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में अयोध्या के विकास और निर्माण में अपना योगदान दिया है। आने वाली पीढ़ियां भी इस योगदान के लिए अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेंगी। उन्हें गर्व होगा कि जब नई अयोध्या का निर्माण हो रहा था, तब उनके पूर्वज किसी न किसी रूप में इस पुनीत कार्य से जुड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह सभी के बीच दीपावली का उपहार लेकर आए हैं। मंच से कुछ लोगों को सांकेतिक रूप से उपहार प्रदान किए गए हैं तथा नगर निगम और प्रशासन की व्यवस्था के माध्यम से सभी पात्र लोगों को दीपावली का उपहार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी से इस उपहार को स्वीकार करने और दीपावली की खुशियां अपने परिवार एवं प्रियजनों के साथ साझा करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अयोध्या पर भविष्य में किसी मंथरा और किसी मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए। अयोध्या के वैभव को लूटने और उसकी प्रतिष्ठा को फिर से धूमिल करने का कोई प्रयास सफल नहीं होना चाहिए। अब अयोध्या में पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता। यह हम सभी के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित स्वरूप में आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। इसी भावना के साथ अयोध्या की गरिमा, गौरव और वैभव को निरंतर बनाए रखना होगा। उन्होंने सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, अयोध्या के महापौर महंत श्री गिरीशपति त्रिपाठी, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, सन्तजन एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी ने अयोध्या धाम स्थित रुक्मिणी महल का लोकार्पण किया।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर एवं श्री हनुमानगढ़ी मन्दिर में दर्शन-पूजन किये तथा दिगम्बर अखाड़ा, बड़ा भक्तमाल व छावनी में महन्तों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कारसेवकपुरम में महन्तगणों को दीपावली का उपहार दिया तथा गोमाता को गुड़ व केला खिलाया।
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