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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्रसेवा को किया गया याद

मिल्कीपुर-अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज के ऑडिटोरियम में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से तथा श्री नवदुर्गा ग्रामोत्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान रहे। अपने संबोधन में उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक ऐसे दूरदर्शी राजनेता थे जिन्होंने भारत की अखंडता और एकता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा देकर जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघर्ष किया।

विधायक ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी और इसी संघर्ष के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनका निधन हुआ, जो देश के लिए अपूरणीय क्षति थी। उन्होंने यह भी बताया कि डॉ. मुखर्जी गरीब कल्याण और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक थे। कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्होंने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया और अपने सिद्धांतों के कारण मंत्री पद से इस्तीफा तक दे दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से डॉक्टर डी. नियोगी, डॉक्टर एस.पी. सिंह, डॉक्टर सीताराम मिश्रा सहित अन्य गणमान्य शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

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