परसपुर में गैस सिलेंडर डिलीवरी में अनियमितता का मामला गरमाया

उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी के लगाये गंभीर आरोप
परसपुर (गोण्डा)। नगर पंचायत परसपुर क्षेत्र में गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने न केवल उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाई है, बल्कि संभावित कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी की आशंका को भी बल दिया है। ताजा प्रकरण में अब तीन उपभोक्ताओं ने अलग-अलग स्तर पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने जिलाधिकारी गोण्डा व उपजिलाधिकारी करनैलगंज को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उन्होंने 17 मार्च 2026 को भारत गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, जबकि 19 मार्च को रिकॉर्ड में डिलीवरी दर्शा दी गई, लेकिन उन्हें सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ। कई बार शिकायत करने के बावजूद एजेंसी स्तर पर कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उपभोक्ता में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आशंका जताई कि क्षेत्र में संगठित रूप से गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है, जिससे आम जनता को निर्धारित सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। वहीं दूसरे मामले में ग्राम खरथरी निवासी शालिनी सिंह ने परसपुर थाना प्रभारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके गैस कनेक्शन संख्या 601060 पर 22 अगस्त 2025 के बाद कोई सिलेंडर नहीं लिया गया, इसके बावजूद 9 मार्च 2026 को डिलीवरी दर्शायी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन लाल एचपी गैस एजेंसी आटा दूबे पुरवा से संबंधित कनेक्शन पर बिना वितरण के ही फर्जी तरीके से सिलेंडर चढ़ाकर अनियमितता की जा रही है, जो गंभीर जांच का विषय है। इसी क्रम में एक और मामला सामने आया है, जिसमें भौंरीगंज निवासी चंद्र प्रकाश तिवारी ने जिला पूर्ति अधिकारी गोण्डा को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका उपभोक्ता क्रमांक 32281714 है और उनका कनेक्शन पूरे धिरजा भारत गैस ग्रामीण वितरक से संबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने गैस सिलेंडर प्राप्त नहीं किया, जबकि रिकॉर्ड में 23 फरवरी 2026 को डिलीवरी दर्शाई गई है, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। तीनों मामलों ने स्थानीय स्तर पर गैस वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्थलीय जांच कर दोषी एजेंसियों व संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर अंकुश लग सके और आमजन को राहत मिल सके।



