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बुराड़ी फांसीकांडः घर से मिली किताब में छिपा हो सकता है 11 मौतों का राज

बुराड़ी के संत नगर में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। शुक्रवार को एक बार फिर क्राइम ब्रांच की टीम ने दो घंटे तक ललित के घर की सघन तलाशी ली। इस दौरान टीम ने घर से 9 स्टूल बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए वह साथ ले गई है। तलाशी के दौरान टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि मकान में 11 पाइप वेंटिलेशन के लिए ही लगवाए गए थे या फिर किसी तंत्र-मंत्र अथवा वास्तु की वजह से। घर से मिले 9 स्टूल में 6 भूरे रंग के, 2 हरे व एक लाल रंग का है। क्राइम ब्रांच की टीम ललित के घर से एक मोटी किताब भी जब्त कर अपने साथ ले गई है। माना जा रहा है कि वह कोई धार्मिक ग्रंथ है।

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वहीं, वक्राइम ब्रांच की टीम को ये स्टूल पहली मंजिल पर बरामदे वाले एरिया में मिले हैं, जिनमें से कुछ गिरे हुए थे। यहीं छत पर लगी लोहे की ग्रिल के सहारे परिवार के 9 सदस्य फंदे पर लटके मिले थे। क्राइम ब्रांच व फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) की टीम का कहना है कि जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पांच स्टूलों के सहारे 9 लोग फंदे से लटके होंगे।

क्राइम ब्रांच के अधिकारी के अनुसार, हो सकता है कि कुछ लोगों को फंदे पर लटकाने के बाद ललित व उसकी पत्नी ने स्टूलों को हटाया हो और फिर खुद फंदे पर लटक गए हों। मामले में हर पहलू पर जांच की जा रही है।  दोपहर करीब एक बजे क्राइम ब्रांच की टीम अपने साथ तीन कुर्सियां लेकर ललित के घर आई थी।

माना जा रहा है कि कुर्सियों पर चढ़कर कुछ जगहों की ऊंचाई मापी गई हो। घर बनाने वाले राज मिस्त्री की बेटी से हुई पूछताछ शुक्रवार को एक समाचार चैनल ने बताया कि ललित का घर बनाने वाले राज मिस्त्री कुंवर पाल की बेटी गीता माता तांत्रिक है। उनका ललित के घर आना-जाना था। 7 जुलाई को गीता माता से मिलने के लिए ललित उनके घर भी जाने वाला था।

मीडिया के जरिये इस बात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम ने हरित विहार स्थित गीता माता के घर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया। बुराड़ी थाने लाकर टीम ने उनसे दो घटे तक पूछताछ की। क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार के मुताबिक, जांच में पता चला कि गीता माता का घटना से कोई लेना-देना नहीं है। वह न तो ललित के घर कभी गई थीं और न ही ललित तंत्र-मंत्र के चक्कर में कभी उनके घर आया था।

गीता अपने पिता से अलग हरित विहार में रहती हैं और मंडली में भजन गाने का काम करती हैं। पूछताछ में गीता ने बताया कि उन्होंने ललित को कभी देखा भी नहीं था। तंत्र विद्या के बारे में पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि वह अपने घर में नियमित रूप से सिर्फ माता की पूजा करती हैं। वह भूत-प्रेत की बाधा दूर नहीं करती हैं। सिर्फ पड़ोस के बच्चों की नजर उतारने का काम करती हैं।

नॉर्थ कैंपस में कॉलेज की कैंटीन में काम करते थे नारायण देवी के पति
बुराड़ी के संत नगर में एक ही परिवार के 11 लोगों की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली है कि बुजुर्ग महिला नारायण देवी के बड़े बेटे दिनेश ने वर्षों पूर्व यहां पर जमीन खरीदी थी। फिलहाल, दिनेश परिवार के साथ राजस्थान के चित्ताैड़गढ़ में रहते हैं और वहां सिविल कांट्रेक्टर हैं।

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश के पिता भोपाल दास मूलरूप से चित्ताैड़गढ़ स्थित रावत भाटा के रहने वाले थे। वर्षों पूर्व गांव वालों से उनका झगड़ा हो गया था, जिसके बाद वह दिल्ली आ गए थे। यहां किराये पर मकान लेकर वह रहने लगे। कुछ दिन बाद उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में स्थित एक कॉलेज की कैंटीन में नौकरी मिल गई। उनके बेहतर स्वभाव व कामकाज से खुश होकर कैंटीन मालिक ने अपनी रिश्तेदार नारायण देवी से उनकी शादी करवा दी थी।

नारायण देवी हरियाणा के टोहना की रहने वाली थीं। कुछ समय बाद भोपाल दास टोहना जाकर रहने लगे और वहीं पर जमीन खरीद खेतीबाड़ी करने लगे। वहीं पर दिनेश, भुवनेश, ललित समेत उनके सभी बच्चों का जन्म हुआ और पढ़ाई-लिखाई हुई।

घर की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण दिनेश पैसा कमाने के उद्देश्य से विदेश चले गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली के संत नगर में 140 गज जमीन खरीदी थी। कुछ समय बाद उन्होंने वहां मकान भी बनवा लिया। पहले तीनों भाई यहीं रहते थे। सभी की शादी हो जाने के बाद दिनेश ने छोटे भाई भुवनेश व ललित के लिए मकान के नीचे दो दुकानें खुलवा दीं और खुद परिवार के साथ चित्ताैड़गढ़ जाकर रहने लगे।

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