
कानपुर को रेडीमेड होजरी और गारमेन्ट उद्योग का बड़ा हब बनाने पर जोर

कानपुर नगर।
उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आयोजित होने वाले यू.पी. टेक्स-2026 के तहत बुधवार को होटल लैण्डमार्क, कानपुर में रोड शो का आयोजन किया गया। आगामी 08 एवं 09 सितम्बर को लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले यू.पी. टेक्स-2026 में कानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के टेक्सटाइल, गारमेन्ट और वस्त्र उद्योग से जुड़े उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित रोड शो में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कानपुर का वस्त्र उद्योग में गौरवशाली इतिहास रहा है। शहर में कुशल श्रमिक, स्थापित बाजार और टेक्सटाइल क्षेत्र का पुराना अनुभव मौजूद है। ऐसे में कानपुर में रेडीमेड होजरी एवं गारमेन्ट उद्योग को बड़े स्तर पर विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्यमियों से यू.पी. टेक्स-2026 में भाग लेने और प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ उठाकर इस क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक छूट, 25 से 35 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान और ब्याज पर 60 प्रतिशत तक अनुदान सहित विभिन्न सुविधाएं शामिल हैं। प्रदेश सरकार का उद्देश्य टेक्सटाइल क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मंत्री ने बताया कि लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में करीब 1000 एकड़ में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 05 संत कबीर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। कानपुर में भी टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना पर कार्य चल रहा है और इसके लिए भूमि उपलब्ध हो गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी तथा निवेश अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को उद्यमियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनाया है।
उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। इसलिए प्रदेश सरकार का इस क्षेत्र पर विशेष फोकस है। कानपुर से गारमेन्ट क्षेत्र में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है, जो शहर की औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने बंद पड़ी वस्त्र इकाइयों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकार द्वारा प्रयास किए जाने की बात कही।
आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के. विजयेन्द्र पाण्डियन ने कहा कि कानपुर में टेक्सटाइल एवं गारमेन्ट उद्योग के लिए मजबूत आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और बड़ा बाजार उपलब्ध है। यू.पी. टेक्स-2026 प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को देश-विदेश के निवेशकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियों और सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ उठाकर उद्यमी इस क्षेत्र में नई इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। विभाग उद्यमियों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त पी.सी. ठाकुर, उपायुक्त यू.वी. सिंह एवं मनोजकान्त गर्ग, सहायक आयुक्त, कानपुर अमित सिंह पाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सी.आई.आई. कानपुर जोन के चेयरमैन एवं मार्श एनर्जी एण्ड मोबिलिटी के निदेशक गौरव पिलानिया ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर थ्रेड्स इण्डिया प्रा.लि. के उपाध्यक्ष मनीष बालानी, मीनू क्रियेशन्स एल.एल.पी. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमन पेशावरी, यूनिवर्सल यार्न्स एण्ड टेक्स प्रा.लि. के प्रबन्ध निदेशक राजीव किशोर भरतिया सहित उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में सी.आई.आई. कानपुर जोन के उपाध्यक्ष एवं गोल्डी ग्रुप के निदेशक सुदीप गोयनका ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।



