मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में तेजी से बढ़ी रफ्तार,17,758 जोड़ों का हुआ विवाह सामूहिक विवाह योजना में तेजी से बढ़ी रफ्तार,17,758 जोड़ों का हुआ विवाह

’’मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी संकल्प को साकार कर रही है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, जिसके लिए तकनीक के माध्यम से सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।’’
श्री असीम अरुण समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों के विवाह की चिंता को कम करने का मजबूत सहारा बन रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। प्रदेश में 72,448 सामूहिक विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपनिदेशक श्री आर.पी. सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब तक 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के दौरान 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए।
पीलीभीत सबसे आगे
सामूहिक विवाह संपन्न कराने के मामले में पीलीभीत प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां अब तक 1,271 जोड़ों ने सात फेरे लिए हैं। 1,063 विवाहों के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके बाद सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है।
पारदर्शिता के लिए तकनीकी बदलाव
योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से आवेदकों का सत्यापन और ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से आय एवं जाति प्रमाण पत्रों के डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी की गई है। वहीं, शीघ्र ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अनुदान राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे पहुंच सकेगी।
एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
उल्लेखनीय है कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।



