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एसआईटी जांच कर रही, दूध का दूध-पानी का पानी होगा: सीएम योगी

-सीएम की अपील- हमारे पूर्वजों ने मर्यादित रहते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, 15 दिन और इंतजार कर लें, कोई अपराधी है तो बचेगा नहीं
-मुख्यमंत्री ने रुदौली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय समेत 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र प्रकरण पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाले, रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले उपदेश दे रहे हैं। अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। अयोध्या के बारे में समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली, उसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। एसआईटी की रिपोर्ट आने तक ऐसी कोई बयानबाजी न हो, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। यदि किसी के पास डाक्यूमेंट्री प्रूफ हो तो एसआईटी को उपलब्ध करा दें। सीएम ने रामभक्तों से विनम्र अपील की कि प्रभु राम ने हमें मर्यादित रहने का आचरण दिया है, इसलिए मर्यादा का पालन करना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने प्रभु के स्थान के लिए मर्यादित रहते हुए 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, 15 दिन और इंतजार कर लें। अगर कोई अपराधी है तो यह सुनिश्चित है कि वह कोई भी हो, बचेगा नहीं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को रुदौली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय समेत 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने मां कामाख्या धाम के स्वरूप को और बेहतर करने के लिए विधायक रामचंद्र यादव से प्रस्ताव भी मांगा। उन्होंने भीषण गर्मी में भी कार्यक्रम के प्रति अयोध्यावासियों के उत्साह की सराहना करते हुए उनका आभार प्रकट किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को बदनाम और रामजन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वालों के बहकावे में न आएं। ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए, क्योंकि क्षमता विहीन इन लोगों ने तो कुछ किया नहीं। जिन लोगों ने अयोध्या को बिजली नहीं दी और संकरी गलियों में बांधकर रखा, वे लोग आज दुष्प्रचार कर सप्तपुरियों में प्रथम अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने, राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा करने, न्यायालय में अधिवक्ता खड़ा करके राममंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने, रामभक्तों को अपमानित करने और माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले उपदेश देना बंद करें। एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कतई बयानबाजी न करें, यह जांच को प्रभावित करती है। जांच के बाद किसी भी पक्ष को बात कहनी है तो एसआईटी तैयार रहेगी, लेकिन चरित्र हनन व अयोध्या को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास न करें।  मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्होंने अब तक राम मंदिर के दर्शन नहीं किए और अपने विधायकों को भी अयोध्या आने से रोका। प्रदेश सरकार के मंत्री मनोज पांडेय ने जब बतौर सपा विधायक प्रस्ताव रखा कि अयोध्या में सभी विधायकों को दर्शन करने जाना चाहिए तो हमने इसे स्वीकार किया, लेकिन अखिलेश यादव ने मना कर दिया। कहा कि कोई दर्शन करने नहीं जाएगा। उनकी भक्ति राम के प्रति नहीं है, वह बाबर की पूजा करने वाले लोग हैं। राम का स्मरण करने पर सपा ने मनोज पांडेय को अपमानित कर बाहर कर दिया। अयोध्या से परहेज करने वाले ये लोग सिर्फ बदनाम करने की नीयत रखते हैं।  सीएम ने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2017 के पहले शासन करने वालों ने कामाख्या धाम को नगर पंचायत, सड़कों, विवाह मंडपम, पीएम सूर्यघऱ मुफ्त बिजली व राशन योजना आदि का लाभ नहीं दिया, क्योंकि उनमें संवेदना और इच्छाशक्ति नहीं थी। उनके लिए जनता नहीं, परिवार मायने रखता था। नौकरी, सुविधाएं सिर्फ उनके खानदान को मिलती थीं। जिन्हें कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल से फुर्सत नहीं थी, वे झलकारी बाई की प्रतिमा कैसे लगाते?  सीएम ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि भगवान राम का मंदिर न बनने पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दिया था कि राम तो हुए ही नहीं। जिसने आपके सामने पहचान का संकट खड़ा किया, वह कांग्रेस आज अयोध्या पर मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हो रहा है। जब कांग्रेस ने जगत नियंता राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा किया, तब रामभक्तों का अपमान नहीं हुआ? कारसेवकों पर गोली चलाने और जय श्रीराम बोलने पर लाठियां भांजने वाली समाजवादी पार्टी रामभक्तों के अपमान की बात कह रही है, उपदेश दे रही है! मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का सोलर सिटी बनना, फोरलेन कनेक्टिविटी, महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, निषादराज के नाम पर रैन बसेरा, मां शबरी के नाम पर भोजनालय, सरयू के आंचल में बनी राम की पैड़ी, पंचकोसी, 14 कोसी व 84 कोसी परिक्रमा का भव्य स्वरूप सपा व कांग्रेस को अच्छा नहीं लगता। रामविरोधी लोग अयोध्या के भव्य स्वरूप को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में देश की आजादी के लिए फिरंगियों को नाकों चने चबाने को मजबूर कर दिया था। राष्ट्रनायकों का सम्मान, वीर-वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा का भाव हमें राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्रदान करता है। इससे प्रेरित होकर डबल इंजन सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई व उदा देवी के नाम पर अनेक कार्यक्रम प्रारंभ कराए। पीएसी की तीन नई बटालियन (अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई व ऊदा देवी) के नाम पर गठित कीं। इसमें केवल बेटियां ही भर्ती होंगी। इन बटालियनों में वीरांगनाओं के नाम पर अश्वारोही प्रतिमा स्थापित होगी, जो भावी पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देगी। सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई में राष्ट्रनायकों, क्रांतिकारियों ने सर्वस्व न्योछावर किया था। 1857 में स्वतंत्रता के प्रथम समर की लौ बैरकपुर में मंगल पांडेय ने जलाई तो यह चिंगारी मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में आगे बढ़ी। झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। 1858 में धोखे के कारण वह वीरगति को प्राप्त हुईं, अन्यथा देश का इतिहास अलग होता। गोरखपुर के बंधु सिंह का अमर इतिहास है। 1857 के बाद अंग्रेजों ने क्रांतिकारियों व युवाओं को दबाने का प्रयास किया, लेकिन वे दबे नहीं। देश की आजादी के लिए युवाओं ने गोरखपुर में चौरीचौरा तो काकोरी में ट्रेन एक्शन की घटना को अंजाम किया। आजादी के आंदोलन को नेतृत्व देने वाले नेताओं, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने जब भी आह्वान किया तो नौजवानों ने उसमें भाग लिया।  सीएम ने पीएम मोदी के पंच प्रण का आह्वान करते हुए इसकी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि अवंती बाई, उदा देवी, झलकारी बाई ने देश के लिए बलिदान दिया। महाराजा सुहेलदेव ने आक्रांताओं को उनकी भाषा में जवाब दिया और भारत की अखंडता को सुनिश्चित किया। बिजली पासी ने विदेशी आक्रांताओं से डटकर मुकाबला किया और उन्हें बाहर किया। हमें वीर-वीरांगनाओं, यूनिफॉर्म धारी फोर्स के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। जब सैनिक सीमाओं की रक्षा करता है, तब हम चौन की नींद सो पाते हैं। सीएम ने नागरिक कर्तव्य का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रधान, पार्षद, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, चेयरमैन, विधायक, सांसद, शिक्षक, छात्र, व्यापारी, किसान समेत हर व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करे तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।
सीएम ने कहा कि जिस प्रदेश को लोग बीमारू कहते थे। नौजवान के पास नौकरी नहीं थी, किसान आत्महत्या को मजबूर था। बेटी-व्यापारी असुरक्षित थे। वही उत्तर प्रदेश आज विकास की यात्रा पर है। यूपी अब बीमारू नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वहन कर रहा है। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश ने जो प्रगति की है, वह सभी के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सीएम ने मतदाताओं से कहा कि आपने मोदी व कमल के फूल पर विश्वास किया तो नए उत्तर प्रदेश, नई अयोध्या व नई रुदौली के रूप में विकास और विरासत को सम्मान मिल रहा है। आपने रामचंद्र यादव को विधायक बनाया तो झलकारी बाई कोरी की प्रतिमा स्थापित हुई। ग्राम पंचायत कामाख्या धाम अब नगर पंचायत बन गई। गरीबों के मांगलिक कार्यक्रम/सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए विवाह मंडपम बन गया। यहां फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं हैं। सड़कों का नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, गरीबों के मकान, शौचालय, राशन इस डबल इंजन सरकार की देन हैं।  सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार सरयू व गोमती नदी के बीच के पवित्र स्थल को भी विकसित करेगी। सभी विधायक मेहनत-प्रयास करके विकास योजनाएं ला रहे हैं, लेकिन इसका श्रेय जनता को है। अच्छे काम का अच्छा नतीजा आएगा। आप डबल इंजन सरकार को ताकत दें, भाजपा सरकार और बेहतर ढंग से काम करेगी।  इस अवसर पर विधायक अमित सिंह चौहान, चंद्रभानु पासवान, अभय सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’, गोरखनाथ बाबा, भाजपा जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी आदि मौजूद रहे। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।

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